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September 22, 2025

हिमाचल: UIDAI की बड़ी कार्रवाई, 1.4 करोड़ आधार कार्ड कर दिए ब्लॉक, यह बताई वजह

योजनाओं में हो रहे फ्रॉड को लेकर फैसला

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Aadhar Card

शिमला। भारत में आधार कार्ड एक जरूरी डॉक्यूमेंट है। अगर आपका आधार कार्ड बंद हो जाए तो ये समस्या का कारण बन सकता है। गौरतलब है कि हाल ही में 1.4 करोड़ से ज्यादा आधार नंबर बंद कर दिए गए हैं। ये एक्शन भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने लिया है। आइए जानते हैं क्या है इसकी वजह।

करोड़ों आधार नंबर किए बंद

भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण एक बड़ा अभियान चला रहा है। इसी अभियान के तहत 1.4 करोड़ से अधिक मृत व्यक्तियों के आधार नंबरों को निष्क्रिय कर दिया है। ये कदम योजनाओं में पारदर्शिता लाने के लिए लिया गया है।

 

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फ्रॉड कम करने की कोशिश

UIDAI की ये कार्रवाई पिछले साल शुरू हुई पहल का हिस्सा है। इस पहल का मकसद ये है कि सरकारी लाभ सही और योग्य लोगों को मिले। वहीं मृत लोगों के नाम पर होने वाले फ्रॉड पर नियंत्रण लगाया जा सके।

असली हकदार को मिले लाभ

UIDAI के CEO बोले कि इस कदम से फर्जी दावे खत्म होंगे और लाभ असली हकदार तक पहुंचेगा। मृत लोगों के आधार नंबर बंद करना जरूरी था। इससे कल्याणकारी योजनाओं में होने वाले फ्रॉड पर रोक लगेगी व सरकारी धन का दुरुपयोग नहीं हो पाएगा।

 

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विश्वसनीयता बढ़ाना  है मकसद

देश में इस वक्त लगभग 3300 सरकारी योजनाएं आधार से जुड़ी हैं। UIDAI इस साल दिसंबर तक करीब 2 करोड़ मृत लोगों के आधार नंबर बंद कर देगा। इससे योजनाओं की विश्वसनीयता और मजबूत होगी।

मृत के नाम पर लिए जाते लाभ

कई मामलों में मृत लोगों के नाम पर सरकारी लाभ लिया जा रहा था। इन्हीं मामलों के चलते इस पहल की जरूरत पड़ी। UIDAI लगातार प्रयास कर रहा है कि इस समस्या को खत्म किया जा सके। इसी के चलते आधार नंबर डिएक्टिवेट करने का कार्य किया जा रहा है।

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डेटा सत्यापन में होती दिक्कत 

इस कार्य में कई चुनौतियां भी हैं। एक चुनौती ये है कि डेथ सर्टिफिकेट के वक्त आधार नंबर दर्ज करवाना अनिवार्य नहीं है। वहीं कुछ मामलों में डेथ सर्टिफिकेट पर आधार गलत या आधा होता है। इससे डेटा सत्यापन में दिक्कत होती है और फ्रॉड बढ़ते हैं।

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