#यूटिलिटी
September 14, 2025
हिमाचल में बढ़ रही CYBER ठगी, एक नंबर डॉयल करने से वापस आ सकते हैं आपके पैसे !
देरी से शिकायत करना पड़ेगा भारी
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शिमला। हिमाचल प्रदेश के लोग भोले-भाले होते हैं। यहां के लोग दूसरों पर जल्दी विश्वास कर लेते हैं। ऐसे में हिमाचल में भी साइबर क्राइम के मामले देखने को मिल रहे हैं। हालांकि इसके लिए लोगों का जागरूक ना होना भी जिम्मेदार है। आइए आज जानते हैं कि साइबर क्राइम से कैसे बचें।
आजकल इंटरनेट सबकी जिंदगी का अहम हिस्सा बन गया है। रेल टिकट बुक करने से लेकर घर का राशन, सब मोबाइल इंटरनेट की मदद से खरीदा जा सकता है। ऑनलाइन बैंकिंग, शॉपिंग, पेमेंट जैसी सुविधाओं ने लेनदेन आसान कर दिया है।
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ऑनलाइन मिल रही इन सुविधाओं की एक साइड और है। ये साइड है साइबर अपराध की बढ़ती घटनाएं। डिजिटल अपराध लगातार बढ़ रहे हैं। डिजिटल दुनिया में आपकी छोटी सी लापरवाही आपके बड़े नुकसान का कारण बन सकती है।
पूरे देश में हर रोज साइबर क्राइम के कई मामले सामने आते हैं। इसमें चंद सेकेंड में लोगों के खातों से पैसे निकाल लिए जाते हैं। ये मामले आगाह करते हैं कि सबको साइबर फ्रॉड और उससे जुड़ी सावधानियों को लेकर सतर्क रहने की आवश्यकता है।
मान लीजिए किसी के साथ साइबर क्राइम हो गया। किसी ने लुभावना लालच या फिशिंग लिंक भेजकर बैंक खाते से बिना जानकारी पैसे निकाल लिए। ऐसे में बिना देर किए तुरंत साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करनी चाहिए।
1930 नंबर का काम साइबर क्राइम से जुड़े मामलों में तुरंत कार्रवाई करना है। इस सरकार की ओर से जारी किया गया है। इस नंबर पर कॉल कर आप जितनी जल्दी अपनी शिकायत देंगे, उतनी जल्दी आपके फ्रॉड ट्रांजैक्शन को ट्रैक किया जा सकेगा।
अगर आपने जल्द से जल्द शिकायत दर्ज करवा दी तो आपके पैसे वापस मिलने की ज्यादा संभावनाएं होती हैं। वहीं अगर साइबर फ्रॉड की शिकायत देरी से दर्ज करवाई जाती है तो आपके पैसे वापस मिलने की संभावना कम हो जाती है।
अगर आप साइबर फ्रॉड का शिकार नहीं होना चाहते तो फेक कॉल्स या मैसेज का जवाब ना दें। अपनी पर्सनल जानकारी और OTP किसी के साथ बिल्कुल ना शेयर करें। अगर आपने ऐसा किया तो आपकी सारी जमा पूंजी एक झटके में गायब हो सकती है।