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July 30, 2025
विक्रमादित्य सिंह ने मंडी में आपदा प्रभावित क्षेत्रों का किया निरीक्षण, पीड़ितों को बांटा दुख दर्द
निर्माण कार्यों में लापरवाही पर सख्त दिखे विक्रमादित्य सिंह
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मंडी। हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में मंगलवार तड़के हुई भारी बारिश और भूस्खलन ने जनजीवन को बुरी तरह से प्रभावित किया है। आपदा की गंभीरता को देखते हुए लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने मौके पर पहुंचकर हालात का जायज़ा लिया और प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनका दुख बांटा।
मुख्यमंत्री के विशेष निर्देश पर मंडी पहुंचे मंत्री ने वार्ड नंबर 5 के जेल रोड और पैलेस क्षेत्र, ज़ोनल अस्पताल मार्ग, कल्याण धाम, सैण मुहल्ला समेत अन्य प्रभावित स्थानों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने प्रभावित परिवारों से बातचीत की, उन्हें ढांढस बंधाया और राज्य सरकार की ओर से हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया।
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मंत्री ने जानकारी दी कि इस प्राकृतिक आपदा में तीन लोगों की दुखद मौत हुई है और लगभग 22 से 25 मकान आंशिक या पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस संकट की घड़ी में पूरी संवेदनशीलता के साथ लोगों के साथ खड़ी है। राहत और पुनर्वास कार्य युद्धस्तर पर जारी हैं। भूस्खलन के चलते कई सड़कों पर भारी चट्टानें आकर गिरी हैं, जिससे मार्ग अवरुद्ध हो गए हैं। मंत्री ने बताया कि इन मार्गों को रोबो मशीनों और कंट्रोल ब्लास्टिंग की मदद से साफ किया जाएगा, ताकि आपात सेवाएं और आमजन की आवाजाही सुचारु रूप से बहाल हो सके।
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विक्रमादित्य सिंह ने स्पष्ट किया कि आपदा के समय में राजनीति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस समय सबसे बड़ी जरूरत राहत कार्यों को प्राथमिकता देने की है। न मैं इस मौके पर राजनीति करूंगा और न ही किसी और को इसकी इजाजत दी जाएगी। उन्होंने बताया कि आपदा की स्थिति पर सरकार लगातार नज़र बनाए हुए है और एनडीआरएफ, एसडीआरएफ समेत सभी संबंधित एजेंसियां सक्रिय रूप से राहत कार्यों में जुटी हैं। राज्य सरकार नियमित रूप से समीक्षा बैठकें कर रही है, ताकि हर स्तर पर त्वरित और समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
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मंत्री ने कहा कि जलवायु परिवर्तन के कारण आपदाओं की तीव्रता और आवृत्ति दोनों बढ़ी हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार अब प्री.डिजास्टर मैनेजमेंट पर ध्यान केंद्रित कर रही है। उन्होंने बताया कि जल्द ही राज्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित अर्ली वॉर्निंग सिस्टम लागू किया जाएगा, जिससे संभावित आपदा की पूर्व सूचना मिल सके और जान.माल की रक्षा की जा सके।
विक्रमादित्य सिंह ने निर्माणाधीन राष्ट्रीय राजमार्गों में हो रही अनियमितताओं पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि कई हादसे गलत कटिंग और इंजीनियरिंग में लापरवाही के कारण हो रहे हैं। उन्होंने केंद्र सरकार को भी इस बारे में अवगत कराया है और स्पष्ट कहा कि जो कंपनियां निर्माण कार्यों में लापरवाही बरत रही हैं, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। मंत्री ने जोर देते हुए कहा कि हिमाचल को विकास चाहिए, लेकिन ऐसा विकास जो स्थायी हो, न कि अस्थायी और जोखिम भरा।