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June 30, 2026
हिमाचल: जाहलम नाले में आई बाढ़, दूल्हा-दुल्हन सहित फंस गई पूरी बारात; मसीहा बन पहुंची BRO
बीआरओ ने लोहे की चादरें डाल दूल्हा दुल्हन सहित बारात को पार करवाया उफनता नाला
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केलांग/मनाली: हिमाचल प्रदेश के जनजातीय जिले लाहौल-स्पीति में सोमवार को कुदरत ने ऐसा रौद्र रूप दिखाया कि पल भर में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। पहाड़ों पर पिघलती बर्फ और मूसलाधार बारिश के बाद जाहलमा नाले में आई भयानक बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है।
बाढ़ का मंजर इतना खौफनाक था कि पानी के साथ आए मलबे ने न सिर्फ एकमात्र अस्थायी पुलिया को तिनके की तरह बहा दियाए बल्कि चंद्रभागा जैसी विशाल नदी के तेज बहाव को भी कुछ समय के लिए रोक दिया। इस प्राकृतिक आपदा में ना सिर्फ कई पर्यटक फंस कर रह गए। वहीं सात फेरे लेकर अपनी दुल्हन और बारात के साथ वापस लौट रहा दूल्हा भी यहां फंस कर रह गए।
यह वाकया सोमवार का है जब लाहौल के हिंसा गांव से एक दूल्हा अपनी बारात लेकर सात फेरे लेने कुल्लू की लगवैली गया था। शादी की रस्में पूरी करने के बाद जब दूल्हा अपनी दुल्हनिया को विदा कराकर पूरी बारात के साथ वापस लौट रहा था, तो जाहलमा नाले के पास पहुंचते ही सबके पैरों तले जमीन खिसक गई। नाला पूरे उफान पर था और उसे पार करने का कोई रास्ता नहीं बचा था। एक तरफ नवविवाहित जोड़ा और बाराती फंसे थे, तो दूसरी तरफ उफनता हुआ नाला उनकी राह रोके खड़ा था।
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इस आपात स्थिति और दूल्हा-दुल्हन की बेबसी को देखते हुए सीमा सड़क संगठन (BRO) के जवान और स्थानीय पुलिस तुरंत मसीहा बनकर सामने आए। बीआरओ के जांबाजों ने उफनते नाले के ऊपर आनन-फानन में लोहे की भारी चादरें बिछाईं और एक अस्थायी पैदल रास्ता तैयार किया। इसके बाद जवानों ने बेहद सावधानी से दूल्हा, दुल्हन और पूरी बारात को एक-एक कर सुरक्षित नाला पार करवाया। भारी मलबे और कीचड़ के बीच लोहे की चादर पर चलकर जब दुल्हन ने नाला पार किया, तो वहां मौजूद हर शख्स ने राहत की सांस ली।
जाहलमा नाले और जिस्पा में आई इस अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) के कारण मनाली-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग पूरी तरह ठप हो गया है। उदयपुर से लेकर जाहलमा तक जगह-जगह सैकड़ों पर्यटक फंस गए। रास्ते बंद होने के कारण पर्यटकों को रविवार और सोमवार की रात होटलों, टेंटों और स्थानीय लोगों के घरों में शरण लेनी पड़ी। हालांकि, बीआरओ ने मुस्तैदी दिखाते हुए पैदल चलने लायक रास्ता बनाकर पर्यटकों को सुरक्षित आर-पार निकाल लिया है, लेकिन सैकड़ों वाहन अब भी दोनों ओर फंसे हुए हैं।
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स्थानीय प्रशासन के अनुसार बाढ़ के साथ आए भारी मलबे के कारण जिला मुख्यालय केलांग को जोड़ने वाला मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया है। दूरदराज के इलाकों को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण जॉबरंग पुल भी पानी में डूब चुका है, जिससे करीब एक दर्जन गांवों का संपर्क पूरी तरह कट गया है। सबसे चिंताजनक बात यह रही कि जाहलमा नाले से आए मलबे के भारी टीले ने चंद्रभागा नदी के बहाव तक को प्रभावित कर दिया, जिससे नदी का जलस्तर भी बढ़ गया है।
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मौके पर बीआरओ की 70 आरसीसी यूनिट की टीम तीन बड़ी मशीनों के साथ मनाली-लेह राजमार्ग को बहाल करने में दिन-रात जुटी हुई है। अधिकारियों ने बताया कि शुरुआत में कुछ वाहनों को निकाल लिया गया था, लेकिन पहाड़ी से लगातार आ रहे मलबे के कारण काम में बाधा आ रही है। इधर, स्थानीय विधायक अनुराधा राणा ने बताया कि प्रशासन और बीआरओ की टीमें लगातार हालात पर नजर रखे हुए हैं और नाले पर जल्द ही एक नई अस्थायी पुलिया बनाकर तैयार कर ली जाएगी।
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इस बीच मौसम विभाग ने हिमाचल प्रदेश के कई जिलों में आगामी दिनों के लिए भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। दो और तीन जुलाई के लिए ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है, जिससे प्रशासन को अतिरिक्त सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
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