#अपराध
July 10, 2026
हिमाचल कु*ल्हाड़ी केस : पुलिस से बचने के लिए बदली 8 गाड़ियां, मुख्य आरोपी समेत पांच गिरफ्तार
8 जुलाई को पंजाब के युवक पर हुआ था हमला
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बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश के जिला बिलासपुर के मंडी-भराड़ी में दिनदहाड़े हुए जानलेवा हमले के मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। वारदात के सिर्फ 28 घंटे के भीतर पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का कहना है कि दोनों आरोपी काफी शातिर तरीके से लगातार अपना ठिकाना बदल रहे थे, लेकिन आखिरकार पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया।
पुलिस के अनुसार, 8 जुलाई की सुबह करीब 10 बजे मंडी-भराड़ी के पास पंजाब के रहने वाले सन्नी गिल पर दो नकाबपोश युवकों ने जानलेवा हमला कर दिया। हमले में सन्नी गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायल को तुरंत इलाज के लिए एम्स बिलासपुर पहुंचाया। इसके बाद पुलिस थाना सदर बिलासपुर में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई।
जांच के दौरान सामने आया कि आरोपियों ने पुलिस से बचने के लिए पहले से पूरी तैयारी कर रखी थी। वारदात के बाद उन्होंने सिर्फ 24 घंटे के अंदर आठ अलग-अलग वाहन बदले। इतना ही नहीं, उन्होंने मुख्य सड़कों से बचते हुए सिर्फ लिंक रोड का इस्तेमाल किया ताकि CCTV कैमरों और पुलिस नाकों से बच सकें। आरोपी लगातार अपना ठिकाना बदलते रहे, लेकिन पुलिस की टीमें उनके पीछे लगी रहीं।
जांच में यह भी पता चला कि मुख्य आरोपियों को फरार होने में तीन लोगों ने मदद की थी। इन लोगों ने उन्हें वाहन उपलब्ध कराए और दूसरी तरह की लॉजिस्टिक सहायता भी दी। पुलिस ने इस मामले में धीरज धर्माणी निवासी कंरगोड़ा, सूर्या चंदेल निवासी दड़ोलां और अनिल कुमार निवासी बरठीं को भी गिरफ्तार कर लिया है। सूर्या चंदेल मुख्य आरोपियों के साथ ही फरार हो गया था। वहीं धीरज धर्माणी को 8 जुलाई को ही हिरासत में ले लिया गया था, जबकि अनिल कुमार को गुरुवार को गिरफ्तार किया गया।
SP बिलासपुर अभिषेक धीमान ने बताया कि मंडी-भराड़ी में हुई इस वारदात के मामले में मुख्य आरोपी सौरभ पटियाल उर्फ फांदी समेत कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और यदि जांच में अन्य लोगों की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।