#यूटिलिटी
January 23, 2026
हिमाचल के गांवों में आसानी से नहीं बनेगा घर : सरकार ला रही नए सख्त नियम, नक्शा भी पास करवाना होगा
कमर्शियल भवनों पर होंगे ज्यादा कड़े नियम
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शिमला। हिमाचल प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में मकान बनाने की योजना तैयार कर रहे लोगों के लिए सरकार बड़ी तैयारी कर रही है। आने वाले समय में पंचायत क्षेत्रों में भवन निर्माण पहले की तरह सरल नहीं रहेगा।
राज्य सरकार नए और सख्त नियम लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रही है, जिसके तहत घर बनाने से पहले कई जरूरी औपचारिकताओं को पूरा करना अनिवार्य होगा। इन नियमों का पालन न करने पर लोगों को कानूनी और प्रशासनिक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
प्रस्तावित व्यवस्था के तहत अब पंचायत क्षेत्रों में किसी भी प्रकार का मकान निर्माण करने से पहले भवन का नक्शा संबंधित प्राधिकरण से पास करवाना अनिवार्य किया जाएगा। इसके साथ ही भवन की स्ट्रक्चर स्टेबिलिटी की जांच भी की जाएगी, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि निर्माण तकनीकी मानकों के अनुरूप और मजबूत भूमि पर किया जा रहा है। सरकार का मानना है कि इससे कमजोर ढांचे और असुरक्षित निर्माण पर रोक लगेगी।
प्रदेश में बार-बार आ रही बाढ़, भूस्खलन और अन्य प्राकृतिक आपदाओं को ध्यान में रखते हुए नदी, नालों और खड्डों के आसपास निर्माण को लेकर विशेष नियम तय किए जाएंगे। इन क्षेत्रों में निर्माण के लिए न्यूनतम सुरक्षित दूरी का पालन अनिवार्य होगा। सरकार का उद्देश्य यह है कि आपदा के समय जान-माल के नुकसान को कम किया जा सके और जोखिम भरे क्षेत्रों में अनियंत्रित निर्माण पर लगाम लगे।
ग्रामीण क्षेत्रों में बन रहे कमर्शियल भवनों के लिए नियम और भी सख्त रखने की तैयारी है। ऐसे भवनों के निर्माण के दौरान सेटबैक छोड़ना, उचित रास्तों की व्यवस्था करना और पक्की व सुरक्षित जमीन पर निर्माण करना अनिवार्य किया जाएगा। इससे न केवल अव्यवस्थित निर्माण पर रोक लगेगी, बल्कि ग्रामीण इलाकों में आधारभूत ढांचे का संतुलित विकास भी सुनिश्चित हो सकेगा।
इन नए नियमों को लेकर गुरुवार को राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी की अध्यक्षता में कैबिनेट सब कमेटी की बैठक आयोजित की गई। बैठक में पंचायती राज विभाग ने ग्रामीण क्षेत्रों में भवन निर्माण गतिविधियों को नियंत्रित करने के लिए विस्तृत सुझाव प्रस्तुत किए। इस दौरान भवनों की अधिकतम ऊंचाई, नदी और नालों से दूरी, सेटबैक के लिए स्थान छोड़ने और लाइन डायग्राम के नक्शे जमा करवाने जैसे अहम बिंदुओं पर गहन चर्चा की गई।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि कैबिनेट सब कमेटी की एक और बैठक आयोजित की जाएगी, जिसके बाद इन नियमों का ड्राफ्ट तैयार किया जाएगा। ड्राफ्ट को अंतिम रूप देने के बाद इसे मंजूरी के लिए राज्य कैबिनेट के समक्ष रखा जाएगा। कैबिनेट की स्वीकृति मिलने के बाद ही ये नियम पूरे प्रदेश में लागू किए जाएंगे।
बैठक में मंत्री राजेश धर्माणी, मंत्री विक्रमादित्य सिंह, सचिव अमरजीत सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। सरकार का कहना है कि इन नियमों का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षित, नियोजित और टिकाऊ निर्माण को बढ़ावा देना है, ताकि भविष्य में प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान को कम किया जा सके।