#अपराध
January 23, 2026
हिमाचल पुलिस का जवान चिट्टे संग गिरफ्तार- देर रात 2 दोस्तों के साथ निकला था सप्लाई करने
शोघी नाकाबंदी में पुलिस कांस्टेबल समेत तीन अरेस्ट
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शिमला। जिस सिस्टम पर नशे के खिलाफ जंग लड़ने की जिम्मेदारी है, वही सिस्टम अब खुद इस जाल में फंसता नजर आ रहा है। हिमाचल में चिट्टे के खिलाफ चल रहे विशेष अभियान ने एक बार फिर चौंकाने वाली सच्चाई सामने रख दी है। आम नागरिक ही नहीं, बल्कि सरकारी कर्मचारी और पुलिसकर्मी तक अब नशे के नेटवर्क का हिस्सा बनते दिख रहे हैं। शिमला में ताजा कार्रवाई इसी डरावनी हकीकत की गवाही देती है, जहां नाकाबंदी के दौरान शिमला पुलिस का कांस्टेबल ही चिट्टे के साथ पकड़ा गया।
शिमला के शोघी क्षेत्र में देर रात नाकाबंदी के दौरान पुलिस ने शिमला पुलिस के कांस्टेबल समेत तीन लोगों को 9.480 ग्राम चिट्टे के साथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई स्पेशल इन्वेस्टिगेशन यूनिट (SIU) की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर की।
पुलिस के अनुसार 21 और 22 जनवरी की दरमियानी रात करीब दो बजे सोलन की ओर से आ रही गाड़ियों की नियमित जांच की जा रही थी। इसी दौरान एक कार को शक के आधार पर रोका गया।
जब पुलिस ने गाड़ी की गहन तलाशी ली, तो उसमें सवार तीनों युवकों के कब्जे से 9.480 ग्राम चिट्टा बरामद किया गया। इसके बाद तीनों को मौके पर ही हिरासत में ले लिया गया। पुलिस ने तुरंत एनडीपीएस एक्ट की धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया और आगामी जांच के लिए मामला थाना बालूगंज के सुपुर्द किया गया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नरेश कुमार निवासी गांच चाड़ना जिला सिरमौर, गौरव भारद्वाज निवासी जोगिंद्रनगर जिला मंडी और राहुल कुमार निवासी जुन्गा के रूप में हुई है। इनमें राहुल कुमार शिमला पुलिस में कांस्टेबल के पद पर तैनात है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी चिट्टा कहां से लेकर आए थे और इसके पीछे कौन सा नेटवर्क काम कर रहा है।
शिमला पुलिस द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान में अब तक कुल 28 सरकारी कर्मचारियों को चिट्टे से जुड़े मामलों में गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें डॉक्टर, बैंक अधिकारी, पुलिसकर्मी और शिक्षा विभाग के कर्मचारी तक शामिल हैं। पुलिस इनमें से 27 कर्मचारियों की सूची प्रदेश सरकार को भेज चुकी है, ताकि विभागीय स्तर पर भी कार्रवाई की जा सके।
नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाते हुए प्रदेश सरकार पहले ही चिट्टा तस्करी में संलिप्त 11 पुलिस कर्मचारियों को सेवा से बर्खास्त कर चुकी है। यह कार्रवाई भारतीय संविधान के अनुच्छेद 311(2)(बी) के तहत की गई थी।
सरकार ने सभी विभागों को निर्देश दिए हैं कि नशा तस्करी में संलिप्त कर्मचारियों की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर मुख्य सचिव को भेजी जाए, साथ ही नशे से अर्जित संपत्ति का भी पूरा ब्योरा उपलब्ध करवाया जाए।
एसएसपी शिमला संजीव कुमार ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि शोघी में नाकाबंदी के दौरान 9.480 ग्राम चिट्टे के साथ तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें एक पुलिस कांस्टेबल भी शामिल है। तीनों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच की जा रही है।