शिमला। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में दो समुदायों के बीच तनाव पैदा करने वाले संजौली मस्जिद में अवैध निर्माण मामले को लेकर आज हिमाचल हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। यह सुनवाई संजौली मस्जिद के आसपास रहने वाले लोकल रेजिडेंट ने नगर निगम शिमला के खिलाफ दायर अवमानना याचिका पर हुई। जिसका हिमाचल हाईकोर्ट ने आज निपटारा कर दिया।
छह सप्ताह का दिया समय
हिमाचल हाईकोर्ट ने नगर निगम शिमला को सख्त आदेश जारी करते हुए मामले में छह सप्ताह के भीतर अनुपालन करने को कहा है। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने सख्त हिदायत दी है कि इसके बाद अतिरिक्त समय नहीं दिया जाएगा। बता दें कि हाईकोर्ट द्वारा दिए एक छह सप्ताह का समय 8 मई को पूरा होगा।
अनुपालन रिपोर्ट पेश करने को कहा
आज हुई सुनवाई की जानकारी देते हुए संजौली लोकल रेजिडेंस के वकील जगत पाल ने बताया कि हिमाचल हाईकोर्ट ने आज सख्त लहजे में संजौली मस्जिद मामले में कार्रवाई कर अनुपालन रिपोर्ट देने को कहा है। उन्होंने बताया कि हाईकोर्ट ने यह भी कहा है कि यदि आदेशों का पालन नही हुआ तो इसे कोर्ट की अवमानना माना जाएगा।
नगर निगम ने मांगा था 8 सप्ताह का समय
आज इस मामले की सुनवाई न्यायाधीश संदीप शर्मा की अदालत में हुई। इससे पहले बीते शुक्रवार को हुई सुनवाई में नगर निगम आयुक्त ने हाईकोर्ट से इस केस के निपटारे के लिए 8 सप्ताह का समय मांगा था। लेकिन आज हाईकोर्ट ने नगर निगम आयुक्त को छह सप्ताह का समय दिया है।
मस्जिद की निचली दो मंजिलों की भी मांगी रिपोर्ट
बता दें कि हाईकोर्ट ने बीते साल 21 अक्टूबर 2024 को हुई सुनवाई में एमसी आयुक्त शिमला को 20 दिसंबर 2024 तक निगम की अदालत में चल रहे मुकद्दमे को निपटाने के आदेश दिए थे। क्योंकि संजौली मस्जिद की निचली दो मंजिल को लेकर निगम आयुक्त कोर्ट ने फैसला नहीं सुनाया था। इस पर कोर्ट ने निचली मंजिलों पर भी रिपोर्ट देने को कहा है।
लोकल रेजिडेंट ने मांगा जल्द निपटारा
वहीं इस सारे मामले में लोकल रेजिडेंट ने भी बीते साल हिमाचल हाईकोर्ट में एक याचिका दायर कर संजौली मस्जिद मामले को जल्द निपटाने का आग्रह किया था। जिस पर हाईकोर्ट ने नगर निगम शिमला को 20 दिसंबर तक का समय दिया था। केस का निपटारा ना होने पर लोकल रेजिडेंट ने हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर की, जिस पर आज सुनवाई हुई।
5 अक्टूबर को दिए थे तीन मंजिलें गिराने के आदेश
बता दें कि नगर निगम आयुक्त कोर्ट ने बीते साल 5 अक्टूबर 2024 को संजौली मस्जिद की ऊपर की तीन मंजिलों को गिराने के आदेश जारी किए थे। जिसके लिए तीन माह का समय दिया गया था। लेकिन पैसे की कमी के चलते संजौली मस्जिद की ऊपर की तीन मंजिलों को तोड़ने काम कई बार रूक गया।