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January 7, 2026
धुएं को कहेंगे अलविदा! हिमाचल में अब दौड़ेंगी स्पेशल बसें- जल्द HRTC के बेड़े में होंगी शामिल
297 नई बसें लाने की योजना
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शिमला। जहां एक तरफ बढ़ता प्रदूषण पहाड़ों की हवा पर भी बोझ डालने लगा है, वहीं हिमाचल अब अपने ट्रांसपोर्ट सिस्टम को बदलने की तैयारी में दिख रहा है। डीजल की आवाज और धुएं के बीच चलने वाली बसों के दौर के बाद अब हिमाचल की सड़कों पर नई बसें उतरने जा रही है। हिमाचल पथ परिवहन निगम जल्द इलेक्ट्रिक बसें उतारने जा रहा है और इसकी पहली झलक सोमवार को सोलन में देखने को मिली, जब HRTC (हिमाचल पथ परिवहन निगम) की पहली प्रोटोटाइप इलेक्ट्रिक बस प्रदेश पहुंची।
बता दें कि उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने सोशल मीडिया पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि HRTC की पहली प्रोटोटाइप इलेक्ट्रिक बस सोमवार को सोलन पहुंच गई है। उन्होंने कहा कि अगले दो दिनों तक इस बस का सोलन-शिमला मार्ग पर परीक्षण किया जाएगा, जिससे यह आकलन किया जा सके कि यह बस पहाड़ी रास्तों पर किस तरह का प्रदर्शन करती है और कितनी प्रभावी साबित होती है।
सूत्रों के मुताबिक यह इलेक्ट्रिक बस लगभग दस दिनों तक शिमला शहर के विभिन्न मार्गों पर परीक्षण के तौर पर दौड़ेगी। इसके बाद बस को फिर से सोलन लाया जाएगा, जहां अलग-अलग परिस्थितियों में इसकी कार्यक्षमता की जांच की जाएगी। ट्रायल सफल रहने पर इन इलेक्ट्रिक बसों को चरणबद्ध तरीके से प्रदेश के अन्य HRTC डिपुओं में तैनात किया जाएगा।
उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि भविष्य में HRTC में बड़ी संख्या में इलेक्ट्रिक बसें जोड़ी जाएंगी। उन्होंने बताया कि करीब 297 नई बसें लाने की योजना है, जिससे प्रदूषण में कमी आएगी और डीजल की खपत घटेगी। इसके साथ ही इन बसों के चलने से परिवहन निगम का खर्च भी पहले के मुकाबले कम होगा। साथ ही इस बस की कीमत 1.76 करोड़ रुपए बताई जा रही है।
परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक सोलन, सुरेंद्र राजपूत ने बताया कि ट्रायल के लिए सोलन डिपो को एक इलेक्ट्रिक बस दी गई है। उन्होंने कहा कि शिमला में परीक्षण पूरा होने के बाद इस बस को सोलन सहित अन्य डिपुओं में भी चलाकर देखा जाएगा, ताकि यह देखा जा सके कि बस सही तरह से काम कर रही है या नहीं।
नई इलेक्ट्रिक बस को सफेद रंग में हरी धारियों के साथ डिजाइन किया गया है, जो पर्यावरण के प्रति जागरूकता को दर्शाता है। ये बसें बिना धुआं छोड़े चलेंगी, जिससे प्रदूषण कम होगा और लोगों को शांत व साफ परिवहन सुविधा मिलेगी।
आपको बता दें कि हिमाचल प्रदेश में बस सेवा की शुरुआत पहली बार 22 सितंबर 2017 को की गई थी। उस समय कुल्लू–मनाली–रोहतांग पास मार्ग पर गोल्डस्टोन कंपनी की इलेक्ट्रिक बसें चलाई गई थीं। यह भारत की पहली इलेक्ट्रिक बस सेवा थी, जिसे HRTC चला रहा था। इसका मकसद रोहतांग दर्रे जैसे पर्यावरण के लिए संवेदनशील इलाके में प्रदूषण कम करना था।