#अपराध
January 7, 2026
घूस लेता पकड़ा गया HRTC अफसर- परिवहन निगम का चला 'डंडा', किया सीधे सस्पेंड
अफसर ने अपने पद का किया दुरुपयोग
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शिमला। हिमाचल पथ परिवहन निगम HRTC के शिमला मंडल में तैनात एक वरिष्ठ अधिकारी के खिलाफ रिश्वतखोरी के गंभीर आरोप सामने आने के बाद निगम प्रबंधन ने सख्त कार्रवाई की है। शिमला मंडल में अधीक्षक ग्रेड-एक के पद पर कार्यरत जगदीश चंद को निलंबित कर दिया गया है।
यह कार्रवाई निगम के प्रबंध निदेशक निपुण जिंदल के निर्देशों पर की गई है। निगम सूत्रों के अनुसार, जगदीश चंद शिमला डिवीजन में जांच अधिकारी के रूप में तैनात था। आरोप है कि जगदीश ने इस महत्वपूर्ण पद की जिम्मेदारियों का दुरुपयोग किया और अपने अधिकारों का इस्तेमाल सार्वजनिक सेवा के हितों के विपरीत किया।
जांच अधिकारी होने के नाते जगदीश पर कर्मचारियों से जुड़े मामलों में निष्पक्षता बनाए रखने की जिम्मेदारी थी। निगम प्रबंधन को मिली शिकायतों में कहा गया है कि अधिकारी कर्मचारियों से उनके मामलों में अनुकूल जांच रिपोर्ट देने के बदले रिश्वत की मांग कर रहा था।
इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए निगम स्तर पर इसकी प्रारंभिक समीक्षा की गई, जिसके बाद कार्रवाई का फैसला लिया गया। प्रबंधन का कहना है कि इस तरह के आरोप निगम की कार्यप्रणाली और छवि दोनों को नुकसान पहुंचाते हैं।
HRTC प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि अधिकारी के खिलाफ केंद्रीय सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1965 के नियम 10(1) के तहत विभागीय जांच शुरू की जा रही है। जांच को निष्पक्ष और प्रभावी बनाए रखने के लिए यह आवश्यक माना गया कि संबंधित अधिकारी को जांच अवधि के दौरान पद पर न रखा जाए। इसी आधार पर उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।
निगम प्रबंधन का कहना है कि भ्रष्टाचार और पद के दुरुपयोग को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मामले की विस्तृत जांच बैठा दी गई है और सभी आरोपों की गहनता से पड़ताल की जाएगी। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो नियमानुसार कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
इस कार्रवाई के बाद निगम के शिमला मंडल समेत अन्य इकाइयों में भी चर्चा का माहौल है। कर्मचारी संगठन इस मामले को पारदर्शिता और निष्पक्षता से निपटाने की मांग कर रहे हैं। वहीं, निगम प्रबंधन का दावा है कि यह कदम साफ संदेश देता है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले अधिकारियों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।