#यूटिलिटी
January 20, 2026
डिप्टी CM ने दफ्तरों के चक्करों से दिलाया छुटकारा, घर बैठे बनेंगे ड्राइविंग लाइसेंस-RC, परमिट भी मिलेंगे
टूरिस्ट परमिट जैसी सेवाएं भी ऑनलाइन उपलब्ध होंगी
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शिमला। हिमाचल प्रदेश में वाहन से जुड़े कामों के लिए अब लोगों को आरटीओ और एसडीएम कार्यालयों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। राज्य सरकार परिवहन सेवाओं को पूरी तरह डिजिटल करने की दिशा में बड़ा कदम उठा रही है। ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने, वाहन पंजीकरण, पासिंग, फिटनेस, टैक्स भुगतान से लेकर टैक्सी और मालवाहक वाहनों के परमिट तक की प्रक्रिया अब ऑनलाइन की जा रही है।
उपमुख्यमंत्री एवं परिवहन मंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने सड़क सुरक्षा प्रकोष्ठ की समीक्षा बैठक के बाद यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि हिमाचल परिवहन विभाग की वेबसाइट के माध्यम से नागरिक घर बैठे आवेदन कर सकेंगे और तय समयसीमा में सेवाओं की मंजूरी भी मिल जाएगी। विभाग ने इस पूरी व्यवस्था को मार्च महीने तक लागू करने का लक्ष्य तय किया है।
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डिप्टी सीएम ने कहा कि टैक्सी परमिट, गुड्स कैरियर, नेशनल परमिट, कांट्रैक्ट कैरिज और टूरिस्ट परमिट जैसी सेवाएं भी ऑनलाइन उपलब्ध होंगी। इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि पारदर्शिता भी बढ़ेगी। आवेदन की स्थिति की जानकारी मोबाइल पर मैसेज के जरिए दी जाएगी, जिससे फाइलों को लेकर अनावश्यक भागदौड़ खत्म होगी।
दूरदराज और ग्रामीण इलाकों के लिए परिवहन विभाग मोबाइल फिटनेस एप भी तैयार कर रहा है। इसके जरिए वाहन फिटनेस से जुड़ी प्रक्रिया आसान होगी और लोगों को जिला मुख्यालय तक नहीं आना पड़ेगा। उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि डिजिटल व्यवस्था लागू होने से आरटीओ, मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर (एमवीआई) और एसडीएम की विवेकाधीन शक्तियों में भी कमी आएगी, जिससे भ्रष्टाचार की गुंजाइश घटेगी।
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प्रदेश में ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन भी स्थापित किए जा रहे हैं। निजी क्षेत्र में बिलासपुर, रानीताल, कांगू, नालागढ़ और पांवटा साहिब में ये केंद्र तैयार हो रहे हैं, जबकि सरकारी क्षेत्र में हरोली, नादौन और बद्दी में ऐसे सेंटर बनाए जा रहे हैं। इससे ड्राइविंग टेस्ट और वाहन जांच की प्रक्रिया अधिक वैज्ञानिक और निष्पक्ष होगी।
रोजगार सृजन को लेकर भी परिवहन विभाग ने अहम उपलब्धियां हासिल की हैं। निजी क्षेत्र को 1,061 स्टेज कैरिज बस रूट स्वीकृत किए गए हैं और 39 हजार से अधिक टैक्सी व मैक्सी परमिट जारी किए जा चुके हैं।
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इसके अलावा 1,000 ई-टैक्सी और 390 नए बस रूट भी आवंटित किए जा रहे हैं, जिनकी खरीद पर सरकार अनुदान दे रही है। परिवहन विभाग ने अब तक 2,597.59 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया है, जो पिछली सरकार की तुलना में 73 प्रतिशत अधिक है। यह आबकारी विभाग के बाद प्रदेश का दूसरा सबसे बड़ा राजस्व अर्जक विभाग बन गया है।