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August 16, 2025
हिमाचल: 92 की उम्र में देशप्रेम का जज़्बा, स्वतंत्रता दिवस समारोह में नाटी पर थिरके पूर्व डीजीपी
90 के दशक में वीरभद्र के समय प्रदेश के डीजीपी थे रत्ती राम वर्मा
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शिमला। आज़ादी की 79वीं वर्षगांठ पर शिमला के ऐतिहासिक रिज मैदान पर आयोजित जिला स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह इस बार एक विशेष वजह से यादगार बन गया। समारोह के आकर्षण का केंद्र बनीं देशभक्ति से सराबोर परेड, रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और गर्व से लहराता तिरंगा। लेकिन इस सबके बीच जो दृश्य हर किसी के दिल को छू गया, वह था 92 वर्षीय पूर्व पुलिस महानिदेशक रत्ती राम वर्मा का लोक नाटी पर जोश से थिरकना।
जैसे ही मंच पर कलाकारों ने हिमाचली लोक संगीत की धुन छेड़ी, दर्शकों के बीच बैठे वर्मा खुद को रोक नहीं सके। वे उठे और कलाकारों के साथ कदम से कदम मिलाकर थिरकने लगे। उनके आत्मविश्वास भरे ठुमकों और चेहरे पर खिली मुस्कान ने पूरा वातावरण जीवंत कर दिया। स्वतंत्रता दिवस समारोह की अध्यक्षता का रहे डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री सहित वहां मौजूद हर अधिकारी, पुलिसकर्मी, बच्चे और आम लोग उनकी ऊर्जा और देश के प्रति समर्पण को देख मंत्रमुग्ध रह गए।
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रत्ती राम वर्मा हिमाचल प्रदेश पुलिस के पूर्व महानिदेशक आज भी अपनी दिनचर्या को अनुशासन और फिटनेस के साथ निभाते हैं। हर सुबह मॉल रोड पर टहलना, इंडियन कॉफी हाउस में मित्रों से संवाद और सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी ये उनकी जिंदगी के अहम हिस्से हैं। उनकी ऊर्जा और सकारात्मक सोच युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुकी है। कुछ वर्षों पहले उन्होंने नशा विरोधी अभियान के तहत आयोजित मिनी मैराथन में तीन किलोमीटर दौड़ पूरी की थी। उस समय उन्होंने युवाओं से अपील की थी, नशा मीठा ज़हर है, इससे दूर रहें और खेल, पढ़ाई तथा सेवा को जीवन का मकसद बनाएं।
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ठियोग के मूल निवासी रत्ती राम वर्मा को प्रदेश के सबसे ईमानदार और कर्मठ अफसरों में गिना जाता है। 90 के दशक में जब वीरभद्र सिंह मुख्यमंत्री थे, तब उन्हें प्रदेश का पुलिस महानिदेशक बनाया गया। उनकी सख्त कार्यशैली, भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस और जनता के प्रति संवेदनशील रवैये ने उन्हें एक मिसाल बना दिया। सेवानिवृत्ति के बाद भी उन्होंने अपने कर्तव्यों को नहीं छोड़ा। वर्ष 2011 में उन्हें “पुलिसवाला ऑफ द ईयर” और “लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड” से सम्मानित किया गया। 2023 की भीषण बारिश आपदा के समय उन्होंने हर महीने अपनी पेंशन से ₹10,000 आपदा राहत कोष में दान देने का संकल्प लिया और पूरे साल निभाया भी।
वर्मा के परिवार में दो बेटियां और एक बेटा था। उनकी बेटी तिलोतमा वर्मा 1990 बैच की आईपीएस अधिकारी हैं और वर्तमान में उत्तर प्रदेश में डीजी पद पर कार्यरत हैं। दूसरी बेटी भी प्रशासनिक सेवा में हैं। उनका बेटा राकेश वर्मा ठियोग से विधायक रहे, लेकिन 2020 में असमय निधन हो गया। यह पारिवारिक आघात भी वर्मा को समाज सेवा से दूर नहीं कर सका। उन्होंने अपने दुख को ताकत में बदलकर और अधिक सक्रिय जीवन जीने का निर्णय लिया।
स्वतंत्रता दिवस समारोह में उनका नाटी पर थिरकना केवल एक नृत्य नहीं था, बल्कि यह एक संदेश था। उम्र चाहे जो भी हो] देशप्रेम और जीवन के प्रति उत्साह कभी नहीं थमता। रत्ती राम वर्मा आज उन करोड़ों लोगों के लिए प्रेरणा , जो उम्र को अपने सपनों और सेवा के आड़े आने देते हैं। इस स्वतंत्रता दिवस पर यदि किसी ने देश को सबसे मजबूत संदेश दिया है] तो वह हैं शिमला के 92 वर्षीय रत्ती राम वर्मा जिनके कदमों की थाप में आज भी देशप्रेम की गूंज साफ सुनाई देती है।