#यूटिलिटी
February 4, 2026
हिमाचल : अब अस्पतालों में मरीजों को समय पर मिलेगा इलाज, सरकार ने नया प्लान किया तैयार
300 डॉक्टरों का बनेगा रिजर्व पूल, करोडों के खरीदे जाएंगे उपकरण
शेयर करें:

शिमला। हिमाचल प्रदेश में अब मरीजों को अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी या तकनीकी अभाव के कारण इलाज के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। राज्य सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक बनाने के लिए एक व्यापक और दूरदर्शी योजना तैयार की है। सरकार के इस नए प्लान से न केवल अस्पतालों में इलाज की रफ्तार बढ़ेगी, बल्कि हिमाचल की स्वास्थ्य व्यवस्था को भी एक नई मजबूती मिलेगी।
CM सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने प्रदेशभर में स्वास्थ्य सेवाओं की निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए स्वास्थ्य निदेशालय के अंतर्गत 300 डॉक्टरों का एक विशेष रिजर्व पूल तैयार करने के निर्देश दिए हैं। इस व्यवस्था का उद्देश्य यह है कि PG कोर्स, विशेष प्रशिक्षण, अध्ययन अवकाश या अन्य कारणों से डॉक्टरों की अनुपस्थिति के चलते किसी भी अस्पताल या स्वास्थ्य संस्थान की सेवाएं प्रभावित न हों।
आवश्यकता पड़ने पर इस रिजर्व पूल से प्रशिक्षित डॉक्टरों की त्वरित तैनाती की जा सकेगी। ऐसा करने से अस्पताल में दाखिल मरीजों व इलाज करवाने आ रहे लोगों को समय पर इलाज मिलेगा। किसी भी डॉक्टर के छुट्टी करने से उनको परेशानी नहीं झेलनी पड़ेगी।
मंगलवार को शिमला में स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए CM सुक्खू ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार स्वास्थ्य अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए मिशन मोड में कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि अप्रैल माह से प्रदेश के स्वास्थ्य संस्थानों में लगभग 3,000 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक और विश्वस्तरीय चिकित्सा उपकरणों की खरीद प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
इससे न केवल इलाज की गुणवत्ता में ऐतिहासिक सुधार आएगा, बल्कि मरीजों को आधुनिक तकनीक से लैस सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी। CM ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता केवल बड़े और प्रमुख अस्पतालों तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले लोगों तक भी बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना सरकार का मुख्य लक्ष्य है।
इसी दिशा में स्वास्थ्य संस्थानों में रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया तेजी से जारी है और आवश्यकता के अनुसार नए पद भी सृजित किए जाएंगे, ताकि किसी भी स्तर पर स्टाफ की कमी आड़े न आए।
स्वास्थ्य सेवाओं में आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देते हुए CM ने बताया कि IGMC, शिमला में जल्द ही PET स्कैन और रोबोटिक सर्जरी जैसी उन्नत सुविधाएं शुरू की जाएंगी। इससे कैंसर और अन्य जटिल बीमारियों से पीड़ित मरीजों को अत्याधुनिक इलाज के लिए प्रदेश से बाहर नहीं जाना पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल चमियाणा और डॉ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय आयुर्विज्ञान महाविद्यालय, टांडा में पहले से ही रोबोटिक सर्जरी सेवाएं उपलब्ध हैं, जिससे प्रदेश के मरीजों को बड़ी राहत मिली है।
CM सुक्खू ने मेडिकल शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि मेडिकल कॉलेजों में पढ़ाई के दौरान छोटे बैच बनाए जाएं और किसी भी कक्षा में 60 से अधिक छात्र न हों। इसके साथ ही सरकार नए लेक्चर थियेटरों के निर्माण में भी मदद देगी- ताकि छात्रों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके।
इसके अलावा CM सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार एक सुव्यवस्थित और विस्तृत कार्ययोजना के तहत हर एक स्वास्थ्य संस्थान को आधुनिक सुविधाओं, पर्याप्त मानव संसाधन और उन्नत जांच सेवाएं दे रही है। इससे जहां मरीजों को बेहतर और समय पर इलाज मिलेगा। वहीं डॉक्टरों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों को भी बेहतर कार्य परिस्थितियां उपलब्ध होंगी। CM ने कहा कि सरकार द्वारा उठाए गए ये कदम हिमाचल प्रदेश की स्वास्थ्य प्रणाली को मजबूत करने में निर्णायक साबित होंगे और आने वाले समय में प्रदेश स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक नई मिसाल पेश करेगा।