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August 25, 2026

हिमाचल की शान बनी बेटियां: 4 खिलाड़ियों का भारतीय टीम में हुआ चयन, जापान में लहराएंगी देश का झंडा

जापान के मैदान में गूंजेगा हिमाचल की बेटियों का दमखम

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सिरमौर। हिमाचल प्रदेश की बेटियों ने एक बार फिर अपनी प्रतिभा और मेहनत के दम पर पूरे प्रदेश का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है। खेल के मैदान से निकलकर अब हिमाचल की चार बेटियां अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का प्रतिनिधित्व करने जा रही हैं। प्रदेश की रितु नेगी, पुष्पा राणा, भावना ठाकुर और ज्योति ठाकुर का चयन भारतीय महिला कबड्डी टीम के लिए हुआ है। चारों खिलाड़ी सितंबर में जापान में आयोजित होने वाली 20वीं एशियन कबड्डी चैंपियनशिप में भारतीय टीम की जर्सी पहनकर मैदान में उतरेंगी।

हिमाचल की चार बेटियों को भारतीय टीम में मिली जगह

हिमाचल प्रदेश कबड्डी एसोसिएशन के प्रदेश महासचिव कुलदीप राणा ने चारों खिलाड़ियों के चयन की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जापान में होने वाली 20वीं एशियन कबड्डी चैंपियनशिप के लिए घोषित भारतीय महिला टीम में हिमाचल की चार प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को जगह मिली है।

 

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यह हैं हिमाचल की चार चयनित खिलाड़ी

  • रितु नेगी — शिलाई, सिरमौर
  • पुष्पा राणा — शिलाई, सिरमौर
  • भावना ठाकुर — मंडी
  • ज्योति ठाकुर — चायल, सोलन

भारतीय टीम में जगह बनाने वाली खिलाड़ियों में सिरमौर के शिलाई क्षेत्र की रितु नेगी और पुष्पा राणा, मंडी की भावना ठाकुर तथा सोलन के चायल क्षेत्र की ज्योति ठाकुर शामिल हैं। यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि पहाड़ी राज्य हिमाचल से निकलकर इन खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई और अब उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिला है।

विदेश में चमकेगा हिमाचल का नाम

हिमाचल को अक्सर अपनी प्राकृतिक खूबसूरती, पहाड़ों और पर्यटन के लिए जाना जाता है, लेकिन प्रदेश की बेटियां अब खेल के मैदान में भी नई पहचान बना रही हैं। जापान में होने वाली चैंपियनशिप में जब ये खिलाड़ी भारतीय टीम की जर्सी में उतरेंगी तो उनके प्रदर्शन पर पूरे देश की नजर होगी। इन चारों खिलाड़ियों की सफलता प्रदेश की उन बेटियों के लिए भी उम्मीद की नई किरण है, जो छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों से निकलकर खेल की दुनिया में अपना भविष्य बनाना चाहती हैं। हिमाचल की शान बनी ये बेटियां अब जापान में तिरंगे के साथ प्रदेश का गौरव भी लेकर जाएंगी।

 

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ज्योति ठाकुर का संघर्ष बना मिसाल

चारों खिलाड़ियों में सोलन के चायल क्षेत्र की ज्योति ठाकुर का सफर विशेष रूप से प्रेरणादायक है। ज्योति ने महज चौथी कक्षा में कबड्डी खेलना शुरू किया था। शुरुआत में शायद ही किसी ने सोचा होगा कि गांव की यह बेटी एक दिन भारतीय महिला कबड्डी टीम का हिस्सा बनेगी। ज्योति ने खेल को अपना जुनून बनाया और कठिन परिस्थितियों के बावजूद अभ्यास जारी रखा।  उनके नाम 15 नेशनल गोल्ड मेडल होने की जानकारी दी गई है। सबसे बड़ी बात यह है कि भारतीय महिला कबड्डी टीम में ज्योति का यह तीसरा चयन है।

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रोज 8 किलोमीटर पैदल चलकर स्कूल पहुंचती थीं ज्योति

ज्योति की सफलता के पीछे संघर्ष की लंबी कहानी है। आर्थिक परिस्थितियां अनुकूल नहीं होने के बावजूद उन्होंने अपने सपने को कभी कमजोर नहीं पड़ने दिया। स्कूल जाने के लिए उन्हें रोजाना करीब आठ किलोमीटर पैदल सफर करना पड़ता था। जहां कई बच्चों के लिए इतनी दूरी परेशानी बन सकती थी, वहीं ज्योति ने इसे अपनी जिंदगी का हिस्सा बना लिया। पढ़ाई के साथ कबड्डी का अभ्यास जारी रखा और धीरे-धीरे उनकी मेहनत रंग लाती गई।

 

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छोटे क्षेत्रों से निकलकर बड़ी मंजिल तक पहुंचीं बेटियां

रितु नेगी, पुष्पा राणा, भावना ठाकुर और ज्योति ठाकुर की सफलता सिर्फ चार खिलाड़ियों की उपलब्धि नहीं है। यह हिमाचल के उन परिवारों और गांवों की भी कहानी है, जहां बेटियां सीमित सुविधाओं के बीच अपने सपनों को पूरा करने के लिए लगातार मेहनत कर रही हैं। इन खिलाड़ियों का चयन इस बात का प्रमाण है कि हिमाचल की बेटियों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। जरूरत है तो सिर्फ उन्हें सही अवसर, बेहतर प्रशिक्षण और निरंतर प्रोत्साहन देने की।

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