#उपलब्धि
September 18, 2026
हिमाचल की कंचन ने बढ़ाया मान, अपने इलाके से सेना में पहली महिला कैप्टन- परिवार गदगद
माता-पिता और सास-ससुर को दिया सफलता का श्रेय
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बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले की बेटी ने अपनी मेहनत और दृढ़ संकल्प के दम पर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। घुमारवीं उपमंडल के हरलोग क्षेत्र की कंचन शर्मा को सैन्य नर्सिंग सेवा में पदोन्नति मिली है और वह अब कैप्टन के पद पर सेवाएं दे रही हैं।
खास बात यह है कि कंचन शर्मा हरलोग क्षेत्र से कैप्टन बनने वाली पहली महिला हैं। कंचन शर्मा की इस सफलता से उनके पूरे परिवार और पाल्टी गांव में खुशी का माहौल है।
ग्रामीण परिवेश से आने वाली कंचन ने अपनी शुरुआती पढ़ाई राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला चलेहली से पूरी की। पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने भविष्य को लेकर अपना लक्ष्य तय कर लिया था। उनका सपना सेना में शामिल होकर देश की सेवा करना था।
इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए उन्होंने लगातार मेहनत की और सैन्य नर्सिंग सेवा में प्रवेश प्राप्त किया। कंचन शर्मा का सेना से जुड़ने का सफर वर्ष 2024 में शुरू हुआ- जब उनका चयन लेफ्टिनेंट के पद पर हुआ।
सैन्य सेवा में शामिल होने के बाद उन्होंने अपनी जिम्मेदारियों को निभाते हुए आगे बढ़ना जारी रखा। अब सेवा के दौरान उनके प्रदर्शन और अनुभव के आधार पर उन्हें कैप्टन के पद पर पदोन्नति मिली है। इस उपलब्धि के साथ उन्होंने अपने क्षेत्र का नाम भी रोशन किया है।
वर्तमान में कैप्टन कंचन शर्मा मुंबई स्थित भारतीय नौसेना के अस्पताल INHS अश्विनी में तैनात हैं। यहां वह सैन्य अस्पताल में मरीजों की देखभाल और चिकित्सा सेवाओं से जुड़ी जिम्मेदारियां संभाल रही हैं। सैन्य अस्पताल में अपनी सेवाएं देना उनके पेशेवर सफर का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
कंचन की सफलता यह दिखाती है कि छोटे गांव से आने वाली बेटियां भी अपने दृढ़ निश्चय और परिश्रम के जरिए बड़े मुकाम हासिल कर सकती हैं। उनकी उपलब्धि क्षेत्र की उन युवतियों के लिए भी प्रेरणादायक मानी जा रही है- जो सेना या अन्य सेवाओं में करियर बनाने का सपना देखती हैं।
अपनी सफलता का श्रेय कंचन शर्मा अपने माता-पिता के साथ-साथ सास-ससुर और पति को देती हैं। उनका कहना है कि परिवार के सदस्यों ने हर चरण में उन्हें प्रोत्साहित किया और आगे बढ़ने के लिए आत्मविश्वास दिया। कंचन की उपलब्धि पर उनके गांव और क्षेत्र के लोगों ने भी खुशी जताई है।