#धर्म
September 26, 2025
छठा शारदीय नवरात्रि: मां कात्यायनी का दिन आज, दूर करती हैं स्वास्थ्य से जुड़ी परेशानी
शादी से जुड़े काम बनाती हैं मां
शेयर करें:

शिमला। सनातन धर्म में नवरात्रि का विशेष महत्व है। नवरात्रि में मां दुर्गा के 9 स्वरूपों की पूजा की जाती है। मान्यता है कि नवरात्रि के दौरान मां भगवती पूरे 9 दिन के लिए धरती पर आती हैं। इस दौरान वे अपने भक्तों को आशीर्वाद देती हैं। आज नवरात्रि का छठा दिन है। आज मां कात्यायनी का दिन है। आज विधि-विधान के साथ मां कात्यायनी की पूजा की जाएगी। आइए इनसे जुड़ी जानकारी आपको देते हैं।
मां कात्यायनी मां दुर्गा की छठी विभूति हैं। नवरात्रि के छठे दिन मां दुर्गा के छठे स्वरूप मां कात्यायनी की पूजा की जाती है। षष्ठी देवी को भगवान ब्रह्मा की मानस पुत्री माना जाता है।
27 सितंबर दोपहर 12 बजकर 6 मिनट पर शारदीय नवरात्रि की षष्ठी तिथि शुरू हो जाएगी। ये तिथि 28 सितंबर को 2 बजकर 28 मिनट तक रहेगी। बता दें कि ऋषि कात्यायन के यहां जन्म लेने के कारण देवी मां को कात्यायनी के नाम से जाना जाता है।
मां कात्यायनी की चार भुजाओं में से ऊपरी बाएं हाथ में तलवार है। निचले बाएं हाथ में कमल का फूल होता है। ऊपर वाला दायां हाथ अभय मुद्रा में है। वहीं नीचे का दायां हाथ वरदमुद्रा में है।
यह भी पढ़ें : हिमाचल में एक और SDM ने किया 'कांड', पुलिस ने FIR नहीं की दर्ज- जानें पूरा मामला
मां का रंग सोने की तरह चमकीला है। कहा जाता है मां कात्यायनी की अराधना से भक्तों किसी तरह का डर नहीं रहता। इतना ही नहीं, भक्तों को किसी भी तरह की स्वास्थ्य से जुड़ी परेशानी नहीं रहती।
जो लोग बहुत समय से अपने लिए या अपने बच्चों के लिए शादी का रिश्ता ढूंढ रहे हैं लेकिन अच्छा रिश्ता मिल नहीं पा रहा, मां कात्यायनी की पूजा उनके लिए लाभकारी साबित होती है।
यह भी पढ़ें : हिमाचल: महिला के आरोप पर बोले SDM, रोजाना करती थी फोन.. घर तक पहुंच गई थी..
अगर आप भी इस तरह की समस्याओं से परेशान हैं तो आज मां कात्यायनी की पूजा करें। मां अपने सच्चे भक्तों की जरूर सुनती है। मां के भोग की बात करें तो मां को शहद से बनी खीर का भोग अर्पित किया जाता है। वहीं मां तो पीला रंग बहुत पसंद है।