#राजनीति
December 13, 2025
युवा राजनीति की मिसाल बने PWD मंत्री विक्रमादित्य, लंदन में मिला बड़ा सम्मान
मंत्री विक्रमादित्य सिंह को ब्रिटिश संसद में ‘यूथ एंड आइकॉन’ अवॉर्ड
शेयर करें:

शिमला। हिमाचल की राजनीति से निकलकर अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहचान बनाना आसान नहीं होता, लेकिन लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने यह कर दिखाया है। लंदन में ब्रिटिश संसद के ऐतिहासिक परिसर में उन्हें ऐसा सम्मान मिला, जिसने न सिर्फ उनके राजनीतिक सफर को नई पहचान दी, बल्कि हिमाचल प्रदेश को भी वैश्विक मानचित्र पर एक बढ़िया छवि दी।
12 दिसंबर को लंदन स्थित ब्रिटिश संसद परिसर में आयोजित भव्य समारोह में विक्रमादित्य सिंह को वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, लंदन की ओर से ‘यूथ एंड आइकॉन’ अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार उन्हें युवा नेतृत्व, बौद्धिक राजनीति और हिमाचल प्रदेश में आपदा के समय निभाई गई सक्रिय भूमिका के लिए दिया गया।
यह भी पढ़ें : RTO ने भरा हिमाचल सरकार का खजाना- नियम तोड़ने पर काटे 3 करोड़ के चालान, जानें
World Book of Records ने अपने चयन में माना कि विक्रमादित्य सिंह आधुनिक राजनीति में विचार, संवेदनशीलता और ज़मीन से जुड़े नेतृत्व का प्रतिनिधित्व करते हैं। संस्था के अनुसार, वे न केवल प्रशासनिक फैसलों में सक्रिय रहे, बल्कि युवाओं के बीच एक भरोसेमंद और प्रेरणादायक चेहरा बनकर उभरे हैं। इसी वजह से उन्हें ‘यूथ आइकॉन एंड इंटेलेक्चुअल पॉलिटिक्स’ श्रेणी में यह सम्मान प्रदान किया गया।
यह भी पढ़ें : CM सुक्खू बोले- बिना तथ्यों के बस झूठ बोलते हैं जयराम, अब प्रतिक्रिया देने का भी नहीं करता मन
यह अवॉर्ड लंदन के ऐतिहासिक पैलेस ऑफ वेस्टमिंस्टर स्थित चर्चिल रूम में प्रदान किया गया, जो अपने आप में इस उपलब्धि की गंभीरता और गरिमा को दर्शाता है। British Parliament परिसर में मिला यह सम्मान हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्य के लिए भी खास मायने रखता है।
अवॉर्ड ग्रहण करने के बाद विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि यह उनके लिए व्यक्तिगत उपलब्धि भर नहीं है। उन्होंने इसे हिमाचल प्रदेश में विकास, आपदा प्रबंधन और बढ़िया शासन के लिए किए जा रहे सामूहिक प्रयासों की पहचान बताया। उन्होंने कहा कि एक सच्चे हिमाचली के रूप में वे प्रदेश की परंपराओं और मूल्यों के साथ विकास की राह पर लगातार काम करते रहेंगे।
इस खास मौके पर उनकी पत्नी डॉ. अमनदीप कौर भी मौजूद रहीं। समारोह के दौरान उनकी उपस्थिति ने इस उपलब्धि को और भी व्यक्तिगत और भावनात्मक बना दिया। अंतरराष्ट्रीय मंच पर मिला यह सम्मान केवल एक मंत्री की उपलब्धि नहीं, बल्कि हिमाचल प्रदेश और भारत के लिए भी गर्व का क्षण माना जा रहा है। यह दिखाता है कि छोटे राज्यों से निकलने वाला नेतृत्व भी वैश्विक स्तर पर अपनी छाप छोड़ सकता है।