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July 26, 2025

अमित शाह ने खुले मंच से की CM सुक्खू की तारीफ, बोले- उनकी योजना देश के लिए मिसाल

अमित शाह बोले सीएम सुक्खू की योजना देश के लिए बनी मिसाल

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Amit shah cm sukhu

शिमला। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के कार्यकाल में शायद ऐसा पहली बार हो रहा है, जब दिल्ली में भाजपा के बड़े केंद्रीय मंत्री ने सीएम सुक्खू की तारीफ की हो। सीएम सुक्खू की यह तारीफ किसी और ने नहीं बल्कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने की है। अमित शाह ने सीएम सुक्खू द्वारा हिमाचल में लागू की गई एक योजना को देश के लिए मिसाल बताया।

अमित शाह ने सीएम सुक्खू की तारीफ की

दरअसल हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार और मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू को लेकर आमतौर पर केंद्र में सत्तारूढ़ भाजपा और राज्य के भाजपा नेता तीखी आलोचना करते रहे हैं। अक्सर बयानबाज़ी के माध्यम से राज्य सरकार की नीतियों और कार्यशैली को घेरा जाता है। मगर इस बार स्थिति कुछ अलग रही। देश की राजधानी दिल्ली में आयोजित मंथन बैठक में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने खुद मुख्यमंत्री सुक्खू की जमकर तारीफ की और हिमाचल की प्राकृतिक खेती को सराहा। यह पहली बार है जब भाजपा के किसी शीर्ष केंद्रीय नेता ने सरेआम सीएम सुक्खू के प्रयासों को सराहा है।

 

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बोले-सुक्खू की योजना देश के लिए मिसाल

मंथन बैठक में देशभर के सहकारिता मंत्रियों को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि हिमाचल प्रदेश ने प्राकृतिक खेती के क्षेत्र में जो कदम उठाए हैं, वे अन्य राज्यों के लिए प्रेरणा बन सकते हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल में प्राकृतिक खेती के जो प्रयोग हुए हैं, वे बेहद सफल और सराहनीय हैं। शाह ने इस बात पर विशेष ज़ोर दिया कि ग्रामीण और पर्वतीय राज्य होने के बावजूद हिमाचल ने प्राकृतिक खेती को जिस तरह अपनाया है, वह पूरे देश के लिए एक मिसाल है।

 

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प्राकृतिक खेती से जुड़ रहे लाखों किसान

हिमाचल प्रदेश की 80 फीसदी आबादी गांवों में रहती है और कृषि, बागवानी तथा पशुपालन आजीविका के प्रमुख साधन हैं। मुख्यमंत्री सुक्खू की सरकार द्वारा चलाए जा रहे जागरूकता अभियानों और प्रोत्साहन योजनाओं के चलते राज्य के लगभग सभी पंचायतों में 2.23 लाख से अधिक किसान पूर्ण या आंशिक रूप से रसायन मुक्त खेती की ओर अग्रसर हो चुके हैं।

देश का पहला राज्य बना हिमाचल

हिमाचल प्रदेश वह पहला राज्य है जिसने प्राकृतिक खेती से उपजी फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारित किया है। मक्की का समर्थन मूल्य जहां पहले 30 रुपए प्रति किलो था, उसे बढ़ाकर 40 रुपए कर दिया गया है। अब तक 1,509 किसानों से लगभग 400 मीट्रिक टन मक्की की खरीद हो चुकी है। इसी प्रकार प्राकृतिक गेहूं 60 रुपए प्रति किलो और हल्दी 90 रुपए प्रति किलो के दर से खरीदी जा रही है। हिमाचल हल्दी को एक ब्रांड के रूप में तैयार कर बाजार में उतारने की योजना भी सरकार ने शुरू कर दी है।

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9.61 लाख किसानों को जोड़ने का लक्ष्य

राज्य सरकार का लक्ष्य अगले कुछ वर्षों में 9.61 लाख किसानों को चरणबद्ध तरीके से प्राकृतिक खेती से जोड़ने का है। इसके लिए प्रशिक्षण, अनुदान, बीज वितरण और विपणन सुविधा जैसे कई कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। इतना ही नहीं प्रदेश की सुक्खू सरकार हमीरपुर जिला में एक स्पाइस पार्क भी स्थापित करने जा रही है। जिससे क्षेत्र में उगाए जाने वाले मसालों को नई पहचान और बाजार मिलेगा।

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प्राकृतिक खेती अपनाने वालों को मिल रही सबसिडी

सुक्खू सरकार प्राकृतिक खेती को अपनाने के लिए कई प्रकार की सबसिडी भी दे रही है, जैसे ड्रम की खरीद पर प्रति ड्रम 750 रुपए (अधिकतम 2,250 रुपए), गौशाला में पक्का फर्श और गोमूत्र गड्ढा बनाने के लिए 8,000 रुपएए देसी गाय खरीद पर 50 प्रतिशत सबसिडी या अधिकतम 25,000 रुपए तक उपदान और परिवहन के लिए 5,000 रुपए की अतिरिक्त सहायता मिल रही है।

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