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December 27, 2025

सुक्खू सरकार की नाकामी: उत्तराखंड ने बना दिया पूरा पुल, हिमाचल 250 मीटर सड़क नहीं बना पाया

उत्तराखंड के विधायक ने सुक्खू सरकार और विक्रमादित्य पर दागे सवाल

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sirmaur bridge

सिरमौर। हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार और लोक निर्माण विभाग के मंत्री विक्रमादित्य सिंह की सुस्त कार्यप्रणाली ने सरकार की छवि को दागदार कर दिया है। पड़ोसी राज्य उत्तराखंड ने हिमाचल की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। मामला हिमाचल के सिरमौर जिला के पांवटा साहिब में बनने वाला वह पुल है जो दो राज्यों उत्तराखंड और हिमाचल को आपस में जोड़ेगा। 

डेढ़ साल से बनकर तैयार है पुल

दरअसल उत्तराखंड सरकार ने पांवटा साहिब में विकासनगर-भंगानी पुल को डेढ़ साल पहले 43 करोड़ रुपये की लागत से बनाकर तैयार कर दिया था। यहां तक कि अपनी तरफ की संपर्क सड़क भी बना दी है, जबकि हिमाचल की ओर से महज 250 मीटर लंबी सड़क अब तक अधर में लटकी हुई है। सुक्खू सरकार और विक्रमादित्य का विभाग मात्र 250 मीटर लंबी सड़क के लिए भुमि अधिग्रहण नहीं कर पाया है। इस देरी ने न केवल सरकार की छवि को नुकसान पहुंचाया है, बल्कि अंतरराज्यीय स्तर पर भी हिमाचल की कार्यप्रणाली पर उंगलियां उठने लगी हैं।

 

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उत्तराखंड सरकार ने बनानी है हिमाचल में सड़क

चौंकाने वाली बात यह है कि हिमाचल में बनने वाली इस संपर्क सड़क निर्माण के लिए हिमाचल सरकार को कोई वित्तीय बोझ तक नहीं उठाना है। केवल भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी करनी है, जिसके बाद सड़क का निर्माण उत्तराखंड सरकार अपने खर्च पर करने को तैयार है। इसके बावजूद डेढ़ साल से अधिक समय बीत जाने के बाद भी काम आगे नहीं बढ़ पाया है।

 

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विधायक मुन्ना ने घेरी हिमाचल सरकार

उत्तराखंड के विकासनगर से विधायक मुन्ना सिंह चौहान के बयान के बाद यह मामला और भी तूल पकड़ गया है। विधायक ने साफ कहा कि उत्तराखंड ने न केवल पुल और अपनी तरफ की कनेक्टिंग रोड तैयार कर दी है, बल्कि हिमाचल की तरफ बनने वाली सड़क के लिए पैसा देने को भी तैयार है। इसके बावजूद हिमाचल सरकार सड़क निर्माण को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठा पाई है।

सड़क ना बनने से पुल का नहीं मिल रहा लाभ

जानकारी के अनुसार वर्ष 2019 में तत्कालीन उत्तराखंड मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने इस विकासनगर-भंगानी पुल की आधारशिला रखी थी। उस दौरान हिमाचल से पांवटा साहिब के विधायक सुखराम चौधरी भी मंच पर मौजूद थे। यह पुल गिरिपार क्षेत्र की 13 पंचायतों के लिए जीवनरेखा माना जा रहा थाए क्योंकि यहां के लोगों का मुख्य बाजार आज भी विकासनगर है।

2021 में उत्तराखंड सरकार ने युद्ध स्तर पर पुल का निर्माण शुरू किया और आज पुल पूरी तरह बनकर तैयार है। इतना ही नहींए उत्तराखंड की ओर से संपर्क सड़क भी बना दी गई है। लेकिन हिमाचल की तरफ से 0.650 किलोमीटर लंबी सड़क अब तक कागजों में ही सिमटी हुई है।

 

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जनता जमीन देने को तैयार

इस मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि अगस्त महीने में ग्राम पंचायत भंगानी में भूमि अधिग्रहण को लेकर जनसुनवाई भी हो चुकी है। एसडीएम पांवटा साहिब की अध्यक्षता में हुई इस जनसुनवाई में लगभग सभी किसानों ने जमीन देने की सहमति जताई थी। न तो जनता ने विरोध किया और न ही किसान बाधा बने। योजना भी स्पष्ट है और उत्तराखंड सरकार आर्थिक सहयोग को तैयार है। इसके बावजूद सड़क निर्माण का काम आगे नहीं बढ़ सकाए जिससे सुक्खू सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

 

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लोक निर्माण विभाग पर आरोप

पूरा मामला हिमाचल प्रदेश के लोक निर्माण विभाग से जुड़ा है, जिसके मंत्री विक्रमादित्य सिंह हैं। आरोप है कि विभागीय स्तर पर फाइलें आगे नहीं बढ़ाई गईं। उत्तराखंड के पीडब्ल्यूडी सचिवए चीफ इंजीनियर और वरिष्ठ अधिकारी हिमाचल आकर अधिकारियों से मिल चुके हैं और सड़क निर्माण जल्द पूरा करने की अपील भी कर चुके हैं। हिमाचल की ओर से फरवरी/मार्च तक भूमि अधिग्रहण पूरा करने का आश्वासन दिया गया थाए लेकिन जमीनी स्तर पर अब तक कोई प्रगति नजर नहीं आ रही।

 

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सरकार की छवि को नुकसान

जब पड़ोसी राज्य का विधायक खुले मंच से हिमाचल सरकार पर सवाल उठाए और अधिकारी हिमाचल आकर काम पूरा करने की गुहार लगाएं, तो यह केवल एक विभाग की विफलता नहीं रह जाती। यह पूरे प्रदेश की साख और छवि पर सवाल बन जाता है। खासकर उस सिरमौर जिले के लिएए जिसने हिमाचल को पहला मुख्यमंत्री दिया था, यह स्थिति और भी शर्मनाक मानी जा रही है।

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