#राजनीति
January 25, 2026
कांगड़ा में CM सुक्खू का बड़ा ऐलान: पेंशनरों को 31 जनवरी से पहले मिलेगा पैसा, क्षेत्र को दी कई सौगातें
31 जनवरी से पहले पेंशन भुगतान, क्षेत्र को नई सौगातें
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कांगड़ा। हिमाचल प्रदेश के 56वें पूर्ण राज्यत्व दिवस का राज्यस्तरीय समारोह कांगड़ा जिले के प्रागपुर विधानसभा क्षेत्र में ऐतिहासिक और भावनात्मक माहौल में आयोजित किया गया। इस अवसर पर CM सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की, भव्य परेड का निरीक्षण किया और मार्चपास्ट की सलामी ली। समारोह में सरकार ने पेंशनरों को बड़ी राहत और क्षेत्र को नई सौगातें देने की घोषणाएं भी कीं।
CM सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने समारोह के मंच से पेंशनरों और पारिवारिक पेंशनरों के लिए बड़ी घोषणा की। उन्होंने कहा कि पेंशनरों का लंबित भुगतान 31 जनवरी से पहले कर दिया जाएगा। इस घोषणा के बाद समारोह स्थल पर मौजूद लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला।
CM ने कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद सरकार का प्रयास है कि समाज के हर वर्ग को समय पर उसका हक मिले और बुजुर्गों को आर्थिक असुरक्षा का सामना न करना पड़े।
क्षेत्र के विकास को लेकर भी CM ने दो अहम घोषणाएं कीं। उन्होंने प्रागपुर में उपमंडल अधिकारी कार्यालय खोलने और नलसूहा में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्थापित करने का ऐलान किया। इन घोषणाओं को स्थानीय लोगों के लिए बड़ी प्रशासनिक और स्वास्थ्य सुविधा के रूप में देखा जा रहा है।
CM ने कहा कि सरकार का फोकस गांव और कस्बों तक प्रशासन और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत पहुंच देने पर है, ताकि लोगों को छोटी-छोटी जरूरतों के लिए जिला मुख्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
CM सुक्खू ने अपने संबोधन में आपदा प्रबंधन का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदेश में दो बार भीषण आपदाएं आईं, लेकिन इसके बावजूद राज्य सरकार ने प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता दी, उचित मुआवजा प्रदान किया और गृह निर्माण सहायता राशि बढ़ाई।
उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष ने इस कठिन समय में केंद्र सरकार से विशेष वित्तीय सहायता दिलाने के लिए गंभीरता से मुद्दा नहीं उठाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने सीमित संसाधनों में भी पीड़ितों के साथ खड़े रहने का प्रयास किया।
CM ने कहा कि प्रदेश में राजस्व अदालतों का आयोजन किया जा रहा है और हर विधानसभा क्षेत्र में डे-बोर्डिंग स्कूल और सीबीएसई स्कूल खोले जा रहे हैं। कांगड़ा जिले को पर्यटन राजधानी के रूप में विकसित किया जा रहा है, जबकि करुणामूलक नीति पर भी गंभीरता से विचार चल रहा है।
उन्होंने बताया कि युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित किए जा रहे हैं और प्रदेश में ‘चिट्टा मुक्त हिमाचल’ अभियान को अभियान के रूप में चलाया जा रहा है। सिरमौर जिले में विश्वस्तरीय संस्थान स्थापित करने की दिशा में भी काम जारी है।
CM ने कहा कि राज्य सरकार ने समृद्ध हिमाचल विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया है, जिसमें पर्यावरण संरक्षण और आपदा प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए संतुलित विकास की रूपरेखा तय की गई है। उन्होंने कहा कि लक्ष्य केवल विकास नहीं, बल्कि सुरक्षित, आत्मनिर्भर और हरित हिमाचल का निर्माण है।