#राजनीति
April 23, 2025
कल शिमला पहुंचेंगी रजनी पाटिल, जिलाध्यक्षों के नाम का हो सकता है ऐलान, नेताओं से होगी चर्चा
कांग्रेस के संविधान बचाओ कार्यक्रम का जिला स्तर पर झंडाबरदार ही नहीं
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शिमला। हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल गुरुवार को शिमला आ रही हैं। 26 अप्रैल को वे शिमला में ही संविधान बचाओ कार्यक्रम की राज्यस्तरीय रैली को लीड करेंगी। इस रैली में पूरे हिमाचल से कांग्रेस कार्यकर्ताओं को बुलाया गया है।
इसके बाद ये रैलियां जिला स्तर पर होनी हैं। करीब 6 महीने से निष्क्रिय राज्य कांग्रेस के संगठन में नई जान फूंकने के लिए इस तरह का कोई अभियान जरूरी था, लेकिन दिक्कत यह है कि जिलों में इस अभियान को संचालित करने वाला कांग्रेस का कोई नेता नहीं है।
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ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि राज्य कांग्रेस के आला नेताओं से चर्चा करने के बाद पाटिल पार्टी संगठन के जिलाध्यक्षों के नाम का ऐलान कर उन्हें संविधान बचाओ रैलियों की जिम्मेदारी सौंप सकती हैं। पार्टी के संगठनात्मक जिलाध्यक्ष ही इन रैलियों को उप मंडल से नीचे तक लेकर जाएंगे। एक महीने का यह कार्यक्रम जिला और विधानसभा सीट के स्तर तक चलेगा।
कांग्रेस के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि रजनी पाटिल का गुरुवार को सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू और हिमाचल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह से मिलने का कार्यक्रम है। इसके साथ ही वे कांग्रेस के सीनियर नेता कौल सिंह ठाकुर, रामलाल ठाकुर, आशा कुमारी, मुकेश अग्निहोत्री से भी मुलाकात कर सकती हैं। ये सभी कांग्रेस संगठन में अपने लोगों की नियुक्ति चाहते हैं।
माना जा रहा है कि कार्यकारिणी को लेकर पाटिल की यह आखिरी चर्चा होगी, क्योंकि कांग्रेस आलाकमान को भी अब राज्य कार्यकारिणी के ऐलान में और देरी मंजूर नहीं होगी। पार्टी कार्यकारिणी की नियुक्ति के बाद पदाधिकारियों के पास करीब 6 महीने का समय पंचायत चुनाव की तैयारियों के लिए रहेगा। अगर कार्यकारिणी आज की तरह निष्क्रिय पड़ी रहती है तो पंचायत चुनाव पर इसका गंभीर असर पड़ सकता है।
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जानकार सूत्रों का कहना है कि रजनी पाटिल गुरुवार से शुरू हो रहे दो दिन के दौरे में यह भी साफ कर देंगी कि हिमाचल प्रदेश में पार्टी के संगठनात्मक जिले भाजपा की देखादेखी 17 होंगे या मौजूदा समय की तरह 12 ही रहेंगे। इसके अलावा पाटिल उन जिलों के कांग्रेस अध्यक्षों के नाम का ऐलान कर सकती हैं, जिन पर अभी कोई विवाद नहीं है। जिन जिलों पर विवाद है या खेमेबाजी हो रही है, उनके लिए जिला अध्यक्षों का ऐलान वे पार्टी आलाकमान की मंजूरी के बाद दिल्ली से भी कर सकती हैं।
अभी की स्थिति यह है कि पाटिल के पास कांग्रेस संगठन के जिन भावी पदाधिकारियों की सूची है, उन पर कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल की मुहर लग चुकी है। ऐसे में यह भी संभव है कि वे गुरुवार या शुक्रवार देर शाम तक कार्यकारिणी का ही ऐलान कर दें।
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कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने 6 नवंबर 2024 को हिमाचल कांग्रेस की राज्य, जिला, ब्लाक इकाईयों के साथ साथ महिला कांग्रेस कमेटी को भी भंग कर दिया था। तब से लेकर कांग्रेस बिना संगठन के चल रही है।