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December 8, 2025

सदन में फिर गरजे सांसद अनुराग- गांधी परिवार पर किया वार, जिन्ना-मुन्ना का भी जिक्र

अनुराग बोले- कुछ लोगों को प्रायश्चित का मौका

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Vande Mataram Debate

नई दिल्ली/शिमला। हिमाचल प्रदेश से सांसद व पूर्व केन्द्रीय मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने आज लोकसभा सदन में वंदे मातरम को लेकर विपक्ष पर तीखा हमला बोला। जहां उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वक्तव्य की प्रशंसा करते हुए इसे “ऐतिहासिक दस्तावेज” करार दिया। साथ ही अनुराग ठाकुर ने कहा कि वन्दे मातरम कोई फ़िल्मी गाना नहीं बल्कि राष्ट्र गीत है।

कांग्रेस ने वंदे मातरम को सीमित किया

बहस के बीच ठाकुर ने राहुल गांधी के वर्ष 2018 के उस बयान को भी याद दिलाया, जिसमें वंदे मातरम को एक पंक्ति तक सीमित करने की बात कही गई थी। उन्होंने कहा कि यह मानसिकता कांग्रेस की राष्ट्रगीत के प्रति “संकीर्ण सोच” को दर्शाती है। साथ ही उन्होंने तंज करते हुए कहा कि इतना बड़ा राष्ट्रीय मुद्दा चर्चा में था, लेकिन संसद में कांग्रेस के दोनों प्रमुख चेहरे राहुल गांधी और प्रियंका गांधी दिखाई तक नहीं दिए।

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अनुराग ठाकुर ने जोर देकर कहा कि वंदे मातरम राष्ट्र की “ऊर्जा और उत्साह का स्रोत” है, लेकिन कुछ राजनीतिक दलों और नेताओं को इससे “अनुचित एलर्जी” है। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग खुद को देश की सबसे पुरानी पार्टी का वारिस बताते हैं, वे आज राष्ट्रगीत को लेकर संदेह और असहजता दिखा रहे हैं।

कुछ लोगों को प्रायश्चित का मौका

अनुराग ठाकुर ने आगे कहा कि, इतिहास में कई ऐसे प्रसंग रहे हैं, जहां राजनीतिक हितों के चलते राष्ट्र से जुड़े प्रतीकों को कमजोर करने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा, “कुछ लोगों के पास इस पाप का प्रायश्चित करने का अवसर है।

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हम किसी को बदनाम नहीं कर रहे, हम सिर्फ इतिहास की सच्चाई सामने रख रहे हैं।” उन्होंने आरोप लगाया कि वोट बैंक की राजनीति के दबाव में 2009 में पी. चिदंबरम देवबंद गए थे, जहां वंदे मातरम के खिलाफ प्रस्ताव पारित हुआ था। ठाकुर ने इस घटना को कांग्रेस की “तुष्टिकरण नीति” का प्रमाण बताया।

यह फिल्मी गाना नहीं, राष्ट्रगीत है

सपा नेता अखिलेश यादव के उस बयान पर भी ठाकुर ने प्रतिक्रिया दी, जिसमें बच्चों को अपनी पसंद का गीत चुनने का अधिकार बताया गया था। इस पर उन्होंने कहा, “वंदे मातरम किसी मनोरंजन कार्यक्रम का हिस्सा नहीं है, यह राष्ट्र की आत्मा से जुड़ा गीत है। इसे इच्छा-अनिच्छा के आधार पर नहीं आंका जा सकता।

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जिन्ना को दिक्कत थी, अब उनके वारिसों को भी

बहस के दौरान अनुराग ठाकुर का तेवर और तीखा हो गया। उन्होंने कहा कि अंग्रेज़ों को वंदे मातरम से परेशानी थी, मोहम्मद अली जिन्ना को भी इसी गीत से दिक्कत थी और आज भी कुछ नेता उसी मानसिकता को ढो रहे हैं। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा, “जिन्ना को वंदे मातरम से दिक्कत थी, और अब जिन्ना के राजनीतिक वारिस बने बैठे लोग भी इसी गीत से घबराते हैं।”

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