#राजनीति
October 6, 2025
हिमाचल में दहाड़े अनुराग ठाकुर : "मुगलों और अंग्रेजों की हुकूमत आई-गई, सनातन हमेशा रहेगा"
भारत की पहचान सनातन संस्कृति से है- अनुराग ठाकुर
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बिलासपुर। हिमाचल के बिलासपुर जिले के झंडूता विधानसभा क्षेत्र के प्रसिद्ध शाहतलाई उत्सव (दशहरा मेला) में रविवार को उत्साह और परंपरा का अद्भुत संगम देखने को मिला। मेले के दूसरे दिन आयोजित सांस्कृतिक संध्या में हमीरपुर से सांसद व पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे।
मंच से अनुराग ठाकुर मगुलों और अग्रेजों के लिए बहुत कुछ कहा। अनुराग ठाकुर ने कहा कि भारत पर मुगलों और अंग्रेजों ने सैकड़ों वर्ष राज किया, लेकिन उनका शासन अस्थायी रहा और इतिहास के पन्नों में सिमट गया।
उन्होंने कहा कि भारत की पहचान सनातन संस्कृति से है। यह संस्कृति अतीत में भी जीवंत थी, वर्तमान में भी है और भविष्य में भी बनी रहेगी। यही सनातन धर्म समाज को जोड़ता है और हमारे जीवन मूल्यों को दिशा देता है।
उन्होंने कहा कि जब तक भारतीय समाज अपनी जड़ों से जुड़ा रहेगा, तब तक कोई ताकत भारत की संस्कृति और एकता को कमजोर नहीं कर सकती। उन्होंने युवाओं को भी संदेश दिया कि वे आधुनिकता के साथ-साथ अपनी परंपराओं और संस्कारों को बनाए रखें।
कार्यक्रम में धर्म और संस्कृति का संगम दिखाई दिया। मेले के दौरान हिमाचली लोक कलाकारों ने पारंपरिक नृत्य, नाट्य और गीतों से माहौल को उल्लास से भर दिया। किन्नौरी, गद्दी और सिरमौरी नृत्य प्रस्तुतियों ने दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। श्रद्धालुओं ने बाबा बालकनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की और क्षेत्र की समृद्ध परंपरा के संरक्षण का संकल्प लिया।
अनुराग ठाकुर ने बाबा बालकनाथ को नमन करते हुए कहा कि उनकी कृपा से हिमाचल प्रदेश निरंतर विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश का चहुमुखी विकास तभी संभव है जब हर नागरिक सक्रिय भागीदारी निभाए।
उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपनी ऊर्जा, कौशल और क्षमता का उपयोग समाज निर्माण में करें। ठाकुर ने कहा कि देश और प्रदेश की उन्नति तभी संभव है जब युवा सकारात्मक सोच के साथ अपने लक्ष्य तय करें और अपने क्षेत्र के विकास में भागीदार बनें।
विदित रहे कि, हिमाचल प्रदेश ओलंपिक संघ के अध्यक्ष बनने के बाद यह अनुराग ठाकुर का बिलासपुर जिले का पहला दौरा था। इसलिए स्थानीय खिलाड़ियों और खेल संघों ने उन्हें विशेष रूप से सम्मानित किया। युवा खिलाड़ियों ने उनके नेतृत्व में खेल क्षेत्र में आई नई ऊर्जा के लिए आभार जताया और “स्पोर्ट्स वाला हिमाचल” के नारे लगाए।