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January 6, 2026
मां चिंतपूर्णी ने पूरी की मुराद, इंग्लैंड से सोने का छत्र चढ़ाने आई महिला- 11 दिन की सेवा
बेटों के विदेश में बसने की मन्नत हुई पूरी
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ऊना। जब विश्वास सच्चा हो और मन्नत दिल से मांगी जाए, तो माता रानी अपने भक्तों को कभी खाली हाथ नहीं लौटातीं चाहे भक्त सात समंदर पार ही क्यों न हो। हिमाचल की देवभूमि में बसे शक्तिपीठों में मां चिंतपूर्णी का दरबार ऐसा ही एक स्थान है, जहां मां से जुड़ी आस्था, चमत्कार और विश्वास की कहानियां बार-बार लोगों को झुकने पर मजबूर कर देती हैं।
ऊना जिले में स्थित विश्वविख्यात शक्तिपीठ चिंतपूर्णी मंदिर में इंग्लैंड के नॉटिंघम से आई महिला श्रद्धालु सीमा देवी ने माता रानी के चरणों में सोने का छत्र अर्पित किया। यह छत्र लगभग 26 ग्राम वजनी है, जिसे उन्होंने अपनी मन्नत पूरी होने पर मां के दरबार में चढ़ाया।
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सीमा देवी ने बताया कि उन्होंने करीब छह साल पहले माता चिंतपूर्णी से अपने दोनों बेटे हरप्रीत और मनप्रीत के विदेश में बसने की अरदास की थी। माता रानी की कृपा से यह मनोकामना पूरी हुई और आज उनके दोनों बेटे अपने-अपने परिवारों के साथ इंग्लैंड के नॉटिंघम में रह रहे हैं। वर्तमान में सीमा देवी भी वहीं निवास कर रही हैं।
मन्नत पूरी होने के बाद सीमा देवी शुकराना अदा करने इंग्लैंड से सीधे चिंतपूर्णी पहुंचीं। उन्होंने माता रानी को सोने का छत्र चढ़ाने के साथ-साथ 11 दिनों तक मंदिर परिसर में सेवा कार्य भी किए। इस दौरान उन्होंने लंगर में सेवा की और मंदिर परिसर की सफाई में भी योगदान दिया।
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सीमा देवी ने बताया कि उन्होंने पहले सेवा पूरी करने का संकल्प लिया था। 11 दिन तक सेवा करने के बाद उन्होंने श्रद्धा भाव से माता रानी के चरणों में सोने का छत्र अर्पित किया। उनका कहना है कि मां चिंतपूर्णी में उनकी अटूट श्रद्धा है और जो भी सच्चे मन से मां से मांगता है, मां उसकी झोली जरूर भरती हैं।
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इस अवसर पर चिंतपूर्णी मंदिर ट्रस्ट की ओर से सीमा देवी को माता की चुनरी भेंट कर सम्मानित किया गया। सीमा देवी मूल रूप से पंजाब की रहने वाली हैं और लंबे समय से अपने परिवार के साथ इंग्लैंड में रह रही हैं।