#अपराध
January 6, 2026
देवभूमि हिमाचल पर एक और दाग: अब 16 साल की लड़की बनी मां... आधार कार्ड ने खोला राज
शख्स ने दो साल से पत्नी की तरह घर में रखी थी किशोरी
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चंबा। जिस देवभूमि हिमाचल को संस्कार, संस्कृति और शांति की पहचान माना जाता है, वहीं अब मासूम बचपन पर मातृत्व का बोझ चढ़ने लगा है। प्रदेश में लगातार सामने आ रहे ऐसे मामले न केवल समाज को झकझोर रहे हैं, बल्कि यह भी सवाल खड़े कर रहे हैं कि आखिर किशोरियों की सुरक्षा और भविष्य के साथ इतना बड़ा खिलवाड़ कैसे हो रहा है।
तीन दिन पहले कांगड़ा के टांडा मेडिकल कॉलेज में 17 साल की किशोरी के मां बनने का मामला सामने आया था, और अब इसी कड़ी में चंबा जिले से एक और सनसनीखेज घटना ने देवभूमि को शर्मसार कर दिया है। यहां महज 16 वर्ष की एक नाबालिग लड़की ने अस्पताल में बेटे को जन्म दिया है।
जानकारी के अनुसार यह मामला चंबा जिले के भटियात क्षेत्र से जुड़ा है। बताया जा रहा है कि भटियात निवासी सुनील कुमार करीब दो वर्ष पहले इस किशोरी को अपने साथ ले आया था। इसके बाद दोनों पति.पत्नी की तरह एक ही घर में रह रहे थे।
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सोमवार को जब किशोरी को अचानक प्रसव पीड़ा हुई तो परिजन उसे सिविल अस्पताल चुवाड़ी लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उसने एक बेटे को जन्म दिया। फिलहाल किशोरी और नवजात दोनों की हालत स्थिर और स्वस्थ बताई जा रही है।
अस्पताल में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब नियमित औपचारिकताओं के दौरान लड़की के दस्तावेजों की जांच की गई। आधार कार्ड देखने पर खुलासा हुआ कि किशोरी की जन्मतिथि 6 मई 2009 दर्ज है। यानी मां बनने के समय उसकी उम्र करीब 16 वर्ष ही थी। इस खुलासे के बाद पूरे मामले ने गंभीर रूप ले लिया।
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अस्पताल में तैनात आशा वर्कर ने नियमानुसार मामले की सूचना तुरंत पुलिस को दी। आशा वर्कर के बयान के आधार पर चुवाड़ी पुलिस थाने में आरोपी सुनील कुमार के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपी पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 64(2) और पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत मामला पंजीकृत किया है। एसपी चंबा विजय कुमार सकलानी ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी हुई है और पूरे प्रकरण की गहनता से जांच की जा रही है।
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बता दें कि अभी मात्र तीन दिन पहले ही टांडा मेडिकल कॉलेज कांगड़ा में गगल पुलिस थाना के तहत एक 17 साल की लड़की ने बच्चे को जन्म दिया था। जब मामले की जांच की गई तो पता चला कि किशोरी के जन्मे बच्चे का पिता एक 19 साल का लड़का है। गगल थाना पुलिस ने कनेड निवासी 19 वर्षीय नमन कुमार को गिरफ्तार किया था, जो फिलहाल पुलिस रिमांड पर है।
लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों ने देवभूमि हिमाचल की सामाजिक तस्वीर पर गहरे सवाल खड़े कर दिए हैं। नाबालिग उम्र में मातृत्व न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि यह किशोरियों के शारीरिक-मानसिक स्वास्थ्य और उनके भविष्य के साथ भी गंभीर खिलवाड़ है।