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February 19, 2026

हिमाचल राज्यसभा चुनाव : बाहरी बनाम लोकल फिर बना मुद्दा, कांग्रेस के सामने चुनौती- BJP भी...

बहुमत के बावजूद कांग्रेस के सामने चुनौती

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शिमला। केंद्रीय चुनाव आयोग द्वारा राज्यसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान के साथ ही हिमाचल प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। सत्तारूढ़ कांग्रेस के साथ-साथ विपक्षी भारतीय जनता पार्टी में भी संभावित उम्मीदवारों को लेकर मंथन शुरू हो गया है। राजनीतिक हलकों में इस बात की चर्चा है कि कांग्रेस का टिकट फैसला इस बार भी मुकाबले की दिशा तय करेगा।

कांग्रेस के फैसले पर BJP की नजर

पार्टी सूत्रों के अनुसार यदि कांग्रेस इस बार भी किसी गैर हिमाचली नेता को राज्यसभा का टिकट देती है, तो भाजपा बहुमत नहीं होने के बावजूद चुनाव मैदान में उतर सकती है। BJP की पूरी रणनीति कांग्रेस के मूव पर निर्भर बताई जा रही है।

 

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फरवरी 2024 की रणनीति दोहराने की तैयारी

फरवरी 2024 के राज्यसभा चुनाव में भी भाजपा ने इसी रणनीति पर काम किया था। उस समय कांग्रेस ने बाहरी प्रत्याशी अभिषेक मनु सिंघवी को उम्मीदवार बनाया था। पार्टी के भीतर नाराजगी के संकेत मिलते ही भाजपा ने स्थानीय नेता हर्ष महाजन को मैदान में उतारा और 68 सदस्यीय विधानसभा में केवल 25 विधायकों के बावजूद राज्यसभा सीट जीतने में सफलता हासिल की थी।

 

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संख्याबल में कांग्रेस आगे, फिर भी BJP तैयार

वर्तमान में कांग्रेस के पास विधानसभा में बहुमत से पांच विधायक अधिक हैं, जबकि भाजपा के पास सात विधायक कम हैं। इसके बावजूद भाजपा प्रत्याशी उतारने की रणनीति पर गंभीरता से विचार कर रही है। हालांकि, अंतिम फैसला कांग्रेस के टिकट ऐलान के बाद ही लिया जाएगा।

कांग्रेस में दो लोकल और एक बाहरी नाम चर्चा में

कांग्रेस में राज्यसभा उम्मीदवार के तौर पर पूर्व केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा, पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह और प्रदेश कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल के नाम चर्चा में हैं। यदि पार्टी हाईकमान रजनी पाटिल को हिमाचल से उम्मीदवार बनाता है, तो मुकाबला होने की प्रबल संभावना मानी जा रही है।
भाजपा सूत्रों का कहना है कि यदि कांग्रेस किसी स्थानीय नेता को टिकट देती है, तो भाजपा चुनाव लड़ने से पीछे हट सकती है।

BJP विधायक प्रत्याशी उतारने के पक्ष में

सूत्रों के मुताबिक बजट सत्र से पहले हुई भाजपा विधायक दल की बैठक में भी राज्यसभा चुनाव में प्रत्याशी उतारने पर चर्चा हुई। अधिकांश विधायक चुनाव लड़ने के पक्ष में बताए जा रहे हैं। हालांकि, अंतिम निर्णय पार्टी के कोर ग्रुप या हाईकमान स्तर पर लिया जाएगा।

 

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BJP में ये नाम चर्चा में

भाजपा की ओर से मौजूदा राज्यसभा सांसद इंदू गोस्वामी पर दोबारा दांव खेला जा सकता है। इसके अलावा मंडी यूनिवर्सिटी की पूर्व प्रो वाइस चांसलर अनुपमा कंवर और चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी की प्रो चांसलर हिमानी सूद के नाम भी चर्चा में हैं। पार्टी के एक धड़े द्वारा प्रदेशाध्यक्ष राजीव बिंदल के नाम की पैरवी किए जाने की भी चर्चा है, हालांकि भाजपा नेतृत्व ने अभी तक पत्ते नहीं खोले हैं।

बाहरी बनाम लोकल मुद्दे में कांग्रेस को पहले मिल चुका झटका

फरवरी 2024 में ‘बाहरी बनाम स्थानीय’ मुद्दा काफी उछला था और कांग्रेस पूर्ण बहुमत के बावजूद राज्यसभा चुनाव हार गई थी। इसके बाद सरकार पर भी संकट के हालात बने थे। यही कारण है कि इस बार भाजपा की नजर कांग्रेस की रणनीति पर टिकी हुई है।

 

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16 मार्च को होगा मतदान

केंद्रीय चुनाव आयोग के जारी शेड्यूल के अनुसार हिमाचल प्रदेश में राज्यसभा चुनाव 16 मार्च को होंगे। इसके लिए 26 फरवरी को अधिसूचना जारी की जाएगी। नामांकन की अंतिम तिथि 5 मार्च है, नामांकन पत्रों की जांच 6 मार्च को होगी और 9 मार्च तक नाम वापस लिए जा सकेंगे। मतदान 16 मार्च को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक कराया जाएगा।

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