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March 25, 2025

हिमाचल सरकार का बड़ा फैसला- बैंक नहीं ट्रेजरी में रहेगा सरकारी पैसा, जानें क्यों?

विभागीय फंड अब बैंकों में नहीं, सीधे ट्रेजरी से होगा जारी

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himachal news

शिमला। हिमाचल प्रदेश सरकार ने वित्तीय प्रबंधन को लेकर एक अहम निर्णय लिया है। अब विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत विभागों को आवंटित धनराशि बैंकों में जमा नहीं होगी, बल्कि यह पूरी तरह से ट्रेजरी में रखी जाएगी और आवश्यकता के अनुसार सीधे वहीं से निकासी होगी। यह घोषणा राज्य के उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने विधानसभा सत्र के दौरान की।

ट्रेजरी से होगा धन का संचालन

उप मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि पहले विभागों द्वारा सरकार से प्राप्त धनराशि को अनाधिकृत रूप से बैंकों में रखा जाता था, लेकिन अब यह व्यवस्था समाप्त कर दी गई है।

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सरकार ने निर्णय लिया है कि उसका धन केवल ट्रेजरी में ही रहेगा और वहीं से नियंत्रित किया जाएगा। इससे वित्तीय पारदर्शिता बनी रहेगी और धन के दुरुपयोग की संभावना भी कम होगी।

भानुपल्ली-बैरी-बिलासपुर रेल परियोजना पर भी चर्चा

विधानसभा में भानुपल्ली-बैरी-बिलासपुर रेल लाइन को लेकर भी चर्चा हुई। इस परियोजना की लंबाई 63.1 किलोमीटर है और इस पर कुल 6753 करोड़ रुपए का खर्च प्रस्तावित है, जिसमें से 5000 करोड़ रुपए पहले ही खर्च किए जा चुके हैं। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि इस महत्वपूर्ण रेल परियोजना का कार्य 2027 तक पूरा कर दिया जाएगा। उन्होंने भरोसा जताया कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में इस परियोजना को बिलासपुर तक पूरा कर लिया जाएगा।

केंद्र सरकार से अतिरिक्त सहायता की मांग

उप मुख्यमंत्री ने हिमाचल प्रदेश को केंद्र सरकार से एयरपोर्ट और रेलवे विस्तार के लिए अधिक सहायता देने की मांग की। उन्होंने कहा कि जब बिहार में तीन नए एयरपोर्ट बनाए जा सकते हैं, तो हिमाचल को भी कम से कम एक नया एयरपोर्ट दिया जाना चाहिए।

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उन्होंने केंद्र सरकार की उस नीति पर भी सवाल उठाया, जिसमें कहा गया है कि अगर किसी रेलवे परियोजना में भूमि अधिग्रहण का खर्च 70 करोड़ रुपए से अधिक होता है, तो राज्य सरकार को इसे स्वयं वहन करना होगा। मुकेश अग्निहोत्री ने इस शर्त को अतार्किक बताया और कहा कि हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्य के लिए ऐसे प्रोजेक्ट्स की वित्तीय वहन क्षमता संभव नहीं है। राज्य के सीमित संसाधनों को देखते हुए केंद्र सरकार को हिमाचल को विशेष सहायता देनी चाहिए, ताकि आवश्यक बुनियादी ढांचे का विकास हो सके।

विधायकों के सवाल और सरकार का जवाब

विधानसभा में विधायक त्रिलोक जमवाल और रणधीर शर्मा ने रेल परियोजना से जुड़े वित्तीय पहलुओं को लेकर सरकार से सवाल पूछे। विधायक रणधीर शर्मा ने कहा कि 1440 करोड़ रुपए की राशि हिमाचल सरकार ने अभी तक इस परियोजना के लिए जारी नहीं की है।

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वहीं, विधायक त्रिलोक जमवाल ने सरकार से यह स्पष्ट करने को कहा कि रेलवे परियोजना की धनराशि को ट्रेजरी में स्थानांतरित करने का निर्णय क्यों लिया गया। इसके जवाब में उप मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल सरकार के पास धन की कोई कमी नहीं है, लेकिन अब यह धन बैंकों के बजाय सिर्फ ट्रेजरी से ही जारी किया जाएगा। इससे धन के उपयोग पर बेहतर नियंत्रण होगा और वित्तीय अनुशासन भी सुनिश्चित किया जा सकेगा।

क्या बदलेगी इस फैसले से वित्तीय व्यवस्था?

सरकार के इस कदम से विभागों को अनावश्यक बैंकिंग प्रक्रिया से गुजरने की जरूरत नहीं पड़ेगी और धनराशि सीधे ट्रेजरी से जारी होने से बेहतर मॉनिटरिंग संभव होगी। साथ ही, इससे राज्य की वित्तीय पारदर्शिता में भी सुधार आने की उम्मीद है।

बहरहाल, हिमाचल सरकार द्वारा लिया गया यह फैसला न केवल राज्य के वित्तीय प्रबंधन को सशक्त करेगा, बल्कि सरकारी धन के सुचारू उपयोग को भी सुनिश्चित करेगा। अब आगे देखना होगा कि इस नई व्यवस्था का प्रभाव सरकारी योजनाओं की कार्यान्वयन गति पर कैसा पड़ता है।

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