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January 8, 2026
जयराम ठाकुर के ड्रीम प्रोजेक्ट को पूरा करेगी सुक्खू सरकार, मंडी एयरपोर्ट को लेकर दिए ये निर्देश
सुक्खू सरकार ने 4000 करोड़ के ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट को लेकर बनाया अहम ग्रुप
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शिमला। हिमाचल की राजनीति में भले ही आरोपदृप्रत्यारोप का दौर जारी हो, लेकिन विकास के मुद्दे पर तस्वीर कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर जहां लगातार मौजूदा सुक्खू सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते नजर आते हैं, लेकिन मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू जयराम ठाकुर के ड्रीम प्रोजेक्ट मंडी के इंटरनेशनल ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट को धरातल पर उतारने की दिशा में ठोस कदम बढ़ा रहे हैं। इसी कड़ी में सुक्खू सरकार ने इस बहुप्रतीक्षित परियोजना को लेकर नए आदेश जारी कर दिए हैं।
राज्य सरकार ने मंडी जिले के नागचला में प्रस्तावित इंटरनेशनल ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट के लिए एक मल्टी डिसिप्लिनरी एक्सपर्ट ग्रुप का गठन किया है। यह समूह परियोजना से जुड़े सामाजिक, तकनीकी और पुनर्वास से संबंधित सभी पहलुओं की गहन समीक्षा करेगा। पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन विभाग की ओर से इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी गई है।
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इस मल्टी डिसिप्लिनरी एक्सपर्ट ग्रुप की अगुवाई उपायुक्त मंडी करेंगेए जिन्हें इसका चेयरपर्सन नियुक्त किया गया है। ग्रुप में सामाजिक विज्ञान, पुनर्वास, स्थानीय प्रशासन और तकनीकी क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों को शामिल किया गया है, ताकि परियोजना का हर पहलू संतुलित और निष्पक्ष तरीके से परखा जा सके। यह समूह स्वतंत्र रूप से कार्य करेगा और दो महीने के भीतर अपनी सिफारिशें सरकार को सौंपेगा।
गौरतलब है कि ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट के लिए पहले ही सोशल इंपैक्ट असेस्मेंट कमेटी गठित की जा चुकी थी, जिसने भूमि अधिग्रहण और इसके सामाजिक प्रभावों को लेकर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है। अब इसी रिपोर्ट का मूल्यांकन यह नया विशेषज्ञ समूह करेगा, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि विकास के साथ.साथ स्थानीय लोगों के हितों की भी रक्षा हो।
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यह परियोजना पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का ड्रीम प्रोजेक्ट मानी जाती है। वर्ष 2018 में जयराम ठाकुर ने इसे लेकर केंद्र सरकार और एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया से संवाद शुरू किया था। बाद के वर्षों में सर्वे, एमओयू और वित्तीय सिफारिशों जैसी अहम प्रक्रियाएं पूरी की गईं। सत्ता परिवर्तन के बाद भी सुक्खू सरकार ने इस परियोजना को ठंडे बस्ते में डालने के बजाय इसे आगे बढ़ाने का निर्णय लिया।
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मंडी में प्रस्तावित यह इंटरनेशनल ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट करीब 4000 से 4500 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया जाना प्रस्तावित है। परियोजना के तहत लंबा रनवे, बड़े विमानों की लैंडिंग की सुविधा और आधुनिक हवाई अड्डे का निर्माण किया जाएगा। रिपोर्ट के अनुसार, स्थानीय आबादी का बड़ा वर्ग इस परियोजना के पक्ष में है।