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August 30, 2025

हिमाचल में राष्ट्रीय आपदा घोषित करे केंद्र, जरूरत पड़ी तो सर्वदलीय डेपुटेशन के साथ जाएंगे दिल्ली

मंत्री हर्षवर्धन चौहान बोेल-जरूरत पड़ने पर गृह मंत्री से मिलेगा सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल

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Himachal Natural disaster

शिमला। हिमाचल प्रदेश इस समय भीषण प्राकृतिक आपदा से जूझ रहा है। भारी बारिश और भूस्खलन के कारण राज्य के कई जिलों में जनजीवन अस्त.व्यस्त हो गया है। खासकर कुल्लू, चंबा, मंडी और लाहौल.स्पीति जिलों में व्यापक तबाही मची है। भारी जानमाल के नुकसान के बीच राज्य सरकार ने केंद्र सरकार से इस आपदा को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग की है।

केंद्रीय गृह मंत्री से मिलने जाएगा सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल

प्रदेश के उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने शनिवार को जानकारी दी कि हिमाचल विधानसभा ने इस विषय पर सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया है और यह संकल्प केंद्र सरकार को भेज दिया गया है। उन्होंने बताया कि यदि आवश्यकता पड़ी तो सरकार सभी राजनीतिक दलों के नेताओं को साथ लेकर एक सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल के रूप में केंद्रीय गृह मंत्री से भी मुलाकात करेगी।

 

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विधानसभा में सर्वसम्मति से राष्ट्रीय आपदा प्रस्ताव पारित

हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि प्रदेश की आर्थिक स्थिति पहले से ही कमजोर है और आपदा से हालात और बिगड़ गए हैं। केंद्र को अब बिना देर किए इस स्थिति को राष्ट्रीय आपदा घोषित कर मदद के लिए आगे आना चाहिए। 2023 में भी प्रदेश को लगभग 10,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था, लेकिन तब केंद्र से सिर्फ 2,000 करोड़ रुपये की सहायता मिली थी। इस बार नुकसान उससे भी अधिक है।

 

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मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू स्वयं प्रभावित इलाकों का दौरा कर रहे हैं। उन्होंने शनिवार को चंबा जिले में आपदा प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया और राहत कार्यों की समीक्षा की। राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी पहले से ही चंबा में मौजूद हैं और सड़क मार्गों को खोलने के काम में जुटे हैं।

 

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राज्य सरकार ने आपदा प्रबंधन अधिनियम को लागू करते हुए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए हैं। प्राथमिकता उन लोगों को सुरक्षित निकालने की है जो अब भी दुर्गम क्षेत्रों में फंसे हुए हैं। कई क्षेत्रों में सड़कों का अस्तित्व पूरी तरह समाप्त हो गया है और वहां अस्थायी मार्ग बनाकर राहत पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।

नेता प्रतिपक्ष से करेंगे बात

उद्योग मंत्री ने भाजपा विधायकों को भी धन्यवाद दिया जिन्होंने विधानसभा में इस प्रस्ताव का समर्थन किया। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री विपक्ष के नेता जयराम ठाकुर से भी बात करेंगे ताकि राष्ट्रीय स्तर पर एकजुट होकर केंद्र से राहत पैकेज की मांग की जा सके। चौहान ने कहा कि प्रदेश में राहत और पुनर्वास कार्य युद्धस्तर पर चल रहे हैं। सरकार का पूरा ध्यान जानमाल की रक्षा और बुनियादी सुविधाओं की बहाली पर है। लेकिन राज्य की सीमित संसाधनों के चलतेए केंद्र से एक बड़े आर्थिक पैकेज की तुरंत जरूरत है।

 

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आपदा पर एकजुट हुए राजनीतिक दल

हिमाचल प्रदेश एक बार फिर प्रकृति की मार झेल रहा है और इस संकट से उबरने के लिए उसे राष्ट्रीय स्तर पर मदद की आवश्यकता है। राज्य सरकार ने केंद्र से इस आपदा को ‘राष्ट्रीय आपदा’ घोषित कर, त्वरित और व्यापक सहायता की मांग की है। सभी राजनीतिक दलों की एकजुटता इस दिशा में सकारात्मक संकेत दे रही है। अब देखना यह है कि केंद्र सरकार इस पर कितनी जल्दी और किस हद तक प्रतिक्रिया देती है।

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