#राजनीति
May 17, 2025
हिमाचल में फिर लटका कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष का चयन और कैबिनेट विस्तार, जानें क्यों
सीएम सुक्खू का दिल्ली दौरा भी टला, 30 मई के बाद होगा
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शिमला। हिमाचल प्रदेश कांग्रेस में प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति के साथ साथ पूरी कार्यकारिणी का गठन एक बार फिर लटकता हुआ नजर आ रहा है। इतना ही नहीं सुक्खू कैबिनेट विस्तार भी इस माह नहीं होगा। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू सहित डिप्टीसीएम और अन्य मंत्रियों का दिल्ली दौरा एक बार फिर स्थगित हो गया है। इसका कारण अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की ओर से रखा गया एक कार्यक्रम है।
दरअसल हिमाचल में लंबे समय से कांग्रेस की कार्यकारिणी का गठन नहीं हो पाया है। इसके अलावा प्रतिभा सिंह का कार्यकाल भी खत्म हो गया है। ऐसे में प्रदेश कांग्रेस को जहां नया प्रदश अध्यक्ष मिलना था। वहीं सुक्खू कैबिनेट में एक खाली मंत्री पद पर भी फैसला होना था। लेकिन अब कांग्रेस की ओर से 30 मई को रखे गए "जयहिंद सभा" से हिमाचल कांग्रेस के सभी कार्यक्रम स्थगित हो गए हैं।
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अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी देश भर में 15 स्थानों पर 20 से 30 मई तक "जय हिंद सभा" का आयोजन करने जा रही है। इन 15 स्थानों में हिमाचल का नाम भी शामिल है। कांग्रेस 30 मई को शिमला में जय हिंद सभा का आयोजन करेगी। जिसके चलते ही मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री सहित अन्य नेताओं का दिल्ली दौरा टल गया है।
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हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस की ओर से 30 मई को आयोजित किए जा रहे जय हिंद सभा के सफल आयोजन के लिए बड़े नेताओं की ड्यूटी लगाई है। शिमला में होने वाले कार्यक्रम में भाग लेने के लिए कांग्रेस नेता अजय माकन व कांग्रेस प्रदेश मामलों की प्रभारी रजनी पाटिल शिमला आ रही हैं। हिमाचल में यह कार्यक्रम चौड़ा मैदान स्थित अंबेडकर या पीटरहॉफ में आयोजित हो सकता है। इस कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए कांग्रेस कई बड़े नेताओं की ड्यूटी भी लगाएगी।
बता दें कि हिमाचल में कांग्रेस संगठन के गठन और प्रदेश अध्यक्ष पद पर नियुक्ति के लिए सीएम सुक्खू और डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री का 20 मई को दिल्ली जाने का कार्यक्रम तय हुआ था। लेकिन अब अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के इस कार्यक्रम के चलते उनका दिल्ली दौरा रद्द हो गया है।
बता दें कि मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा सिंह का कार्यकाल पूरा होने के बाद अब नए अध्यक्ष की ताजपोशी की उलटी गिनती शुरू हो गई है। दिलचस्प बात यह है कि इस बार ‘एक व्यक्ति, एक पद’ का फार्मूला लागू नहीं होगा। ऐसे में मंत्री या विधायक भी अध्यक्ष की दौड़ में बने रहेंगे।
प्रदेश अध्यक्ष के लिए जिन नेताओं के नाम सबसे ज्यादा चर्चा में हैं, उनमें डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री और पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह सबसे ऊपर हैं। वहीं विधायकों में कइयों की दावेदारी मजबूत मानी जा रही है।
सूत्रों के अनुसार 21 या 22 मई को राहुल गांधी दिल्ली में हिमाचल कांग्रेस के सीनियर नेताओं के साथ बैठक कर अंतिम फैसला लेंगे। इस बैठक में सीएम सुक्खू, वर्तमान अध्यक्ष प्रतिभा सिंह, सभी मंत्री और पूर्व अध्यक्ष भी शामिल होंगे।
मुकेश अग्निहोत्री: 5 बार के विधायक, पूर्व मंत्री और विपक्ष के नेता। सोशल मीडिया पर पोस्ट कर अपनी नाराजगी भी जताई है।
अनिरुद्ध सिंह: सुक्खू के करीबी, लगातार तीसरी बार विधायक। शिमला संसदीय क्षेत्र में वर्चस्व को बैलेंस करने की रणनीति का हिस्सा।
कुलदीप राठौर: हाईकमान की पहली पसंद, लेकिन खुद अध्यक्ष बनने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे। पहले भी अध्यक्ष रह चुके हैं और संगठन में मजबूत पकड़ रखते हैं।
संजय अवस्थी: सीएम सुक्खू के सबसे करीबी माने जाते हैं, लेकिन होली लॉज गुट से समर्थन नहीं मिल पा रहा।
विनोद सुल्तानपुरी: युवा नेता, संगठन में लंबा अनुभव, सुक्खू और होली लॉज दोनों खेमों में स्वीकार्य।
सुरेश कुमार: एससी समुदाय से आते हैं, सुक्खू गुट के करीबी और हाईकमान की रणनीति में फिट बैठते हैं।
पूर्व मंत्री आशा कुमारी का नाम भी सामने आया है, जो वर्तमान में एमएलए नहीं हैं। हालांकि इस बार हाईकमान किसी मौजूदा विधायक या मंत्री को ही जिम्मेदारी सौंपने के मूड में है।
मौजूदा अध्यक्ष प्रतिभा सिंह का कार्यकाल 24 अप्रैल को पूरा हो चुका है। पार्टी में लंबे समय से अध्यक्ष बदलने की चर्चा थी, लेकिन गुटबाजी के चलते निर्णय टलता रहा। अब राहुल गांधी ने खुद हस्तक्षेप करते हुए अगले हफ्ते मीटिंग बुलाने का फैसला लिया