#राजनीति
September 5, 2025
सीएम सुक्खू बोले-आपदा प्रभावितों के लिए 3 हजार करोड़ की योजना तैयार, हवाई सर्वेक्षण कर लिया जायज़ा
सीएम का तंज, बोले-बीजेपी सिर्फ सोशल मीडिया पर, जमीन पर नहीं दिखता कोई नेता
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कुल्लू। हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश से उत्पन्न आपदा की स्थिति का जायज़ा लेने के लिए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू शुक्रवार को सेना के एमआई-17 हेलिकॉप्टर से शिमला के जुब्बड़हट्टी हवाई अड्डे से कुल्लू के भुंतर हवाई अड्डे पहुंचे। मुख्यमंत्री अपने साथ आपदा प्रभावितों के लिए आवश्यक राशन सामग्री भी लेकर आए, जिसे जरूरतमंद क्षेत्रों में वितरित किया गया।
मुख्यमंत्री ने भुंतर और इसके आसपास के इलाकों में हवाई सर्वेक्षण कर आपदा से हुई तबाही का जायज़ा लिया। उन्होंने कुल्लू से मनाली के बीच विभिन्न प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति को भी सेना के हेलिकॉप्टर से देखा और राहत व पुनर्वास कार्यों की समीक्षा की।
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भुंतर में मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में छह दिन के लंबे इंतजार के बाद मौसम साफ हुआ है, जिससे राहत कार्यों में तेजी लाई जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने तुरंत कार्रवाई करते हुए सेना के हेलिकॉप्टरों की मदद से मणिमहेश यात्रा पर फंसे लगभग 3500 श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकाला है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष की बारिश ने अभूतपूर्व तबाही मचाई है। सरकार अपने सीमित संसाधनों में कटौती कर भी प्रभावितों की हर संभव सहायता कर रही है, लेकिन केंद्र सरकार से अब तक कोई मदद नहीं मिली है।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर और बीजेपी के अन्य नेता सिर्फ सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं। आपदा की इस घड़ी में न तो जमीनी स्तर पर कोई बीजेपी नेता नजर आ रहा है, और न ही केंद्र सरकार से कोई सहायता मिली है। सात सांसद होने के बावजूद बीजेपी के नेता नदारद हैं।
उन्होंने बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को भी आड़े हाथों लेते हुए कहा कि यदि वास्तव में वे हिमाचल के हितैषी हैं, तो केंद्र सरकार से स्पेशल रिलीफ पैकेज की मांग करें और फॉरेस्ट कंजर्वेशन एक्ट में छूट दिलवाकर लैंड.लैस प्रभावितों को दोबारा बसाने के लिए जमीन दिलवाएं।
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मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि वर्ल्ड बैंक की सहायता से प्रदेश सरकार ने 3,000 करोड़ रुपये की आपदा प्रबंधन योजना तैयार की है। इस योजना को केंद्र की मंजूरी मिलते ही प्रदेशभर में प्रभावित क्षेत्रों में राहत, पुनर्वास और बुनियादी ढांचे के पुनर्निर्माण का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने मणिमहेश यात्रा पर फंसे श्रद्धालुओं के सुरक्षित रेस्क्यू को सबसे बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी पिछले 9 दिनों से भरमौर में ग्राउंड जीरो पर डटे हुए हैं और हालात की लगातार निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि उन दुर्गम क्षेत्रों में जहां सड़क संपर्क पूरी तरह से टूट चुका है और राशन की भारी किल्लत है़ वहां सेना के हेलिकॉप्टरों के जरिए राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है।
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मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि यह दृश्य मेरे राजनीतिक जीवन का सबसे भयावह रहा है। जिन लोगों ने अपने घर, पशुधन और आजीविका खोई है, उन्हें सरकार की ओर से पूरा सहयोग दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों को बसाने, पशु हानि पर मुआवजा देने और मकान खो चुके लोगों को पुनर्वास सहायता दी जाएगी।