#विविध
October 24, 2025
हिमाचल में बारिश-बर्फबारी का अलर्ट : कई जिलों में आसमान से बरसेगी आफत, रहें सतर्क
मौसम विभाग ने किसानों और यात्रियों को सतर्क रहने की सलाह दी है
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शिमला। हिमाचल प्रदेश में मौसम ने अचानक करवट बदल ली है। गुरुवार दोपहर तक धूप खिली रही, लेकिन कुछ ही घंटों बाद बादलों ने आसमान को ढक लिया और झमाझम बारिश के साथ ओलावृष्टि ने प्रदेश के कई इलाकों को अपनी चपेट में ले लिया।
वहीं, ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मौसम की पहली बर्फबारी ने ठंड बढ़ा दी है। शिमला, कुल्लू और मंडी जिलों में गुरुवार को मौसम का यह रूप देखने को मिला, जबकि शुक्रवार सुबह तक आसमान साफ होने के बाद धूप खिल गई।
हालांकि, राहत ज्यादा दिन की नहीं है- क्योंकि मौसम विभाग ने 27 अक्टूबर से एक और पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने का पूर्वानुमान जताया है। मौसम विभाग के अनुसार, 24 से 26 अक्टूबर तक प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में मौसम साफ रहने की संभावना है, लेकिन 27 अक्टूबर से फिर बारिश और बर्फबारी का दौर शुरू हो सकता है।
शिमला स्थित मौसम विज्ञान केंद्र ने कांगड़ा, कुल्लू, चंबा, किन्नौर और लाहौल-स्पीति जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। गुरुवार को कुल्लू जिले के मणिकर्ण घाटी के जच्छणी और छन्नीखोड़ इलाकों में भारी बारिश के चलते पहाड़ियों से मलबा नालों में बहकर आया।
इससे अचानक फ्लैश फ्लड जैसी स्थिति बन गई और सड़कें पानी व मलबे से पट गईं। कई स्थानों पर कुछ समय के लिए यातायात ठप हो गया और स्थानीय लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी।
इसी दौरान, कुल्लू की गड़सा घाटी में हुई तेज ओलावृष्टि ने किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। टमाटर, मिर्च, करेला और सेम जैसी सब्जी फसलों को भारी नुकसान हुआ है। मंडी जिले के सरकाघाट और धर्मपुर क्षेत्रों में भी देर शाम ओलों के साथ तेज बारिश दर्ज की गई, जिससे खेतों में खड़ी फसलों पर असर पड़ा।
शिमला शहर में दिनभर धूप और बादलों की आंख-मिचौली चलती रही। दोपहर के बाद हल्की फुहारों ने मौसम को ठंडा कर दिया। वहीं, लाहौल-स्पीति, किन्नौर और चंबा के ऊपरी क्षेत्रों में हल्की बर्फबारी की खबरें मिली हैं।
मौसम विभाग के बुलेटिन के अनुसार, आने वाला पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित करेगा, जिससे ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी और निचले इलाकों में बारिश की संभावना है। विभाग ने किसानों और यात्रियों को सतर्क रहने की सलाह दी है, विशेषकर उन क्षेत्रों में जहां पहाड़ी सड़कों पर भूस्खलन या फिसलन की स्थिति बन सकती है।
हिमाचल में जैसे-जैसे अक्टूबर का अंत करीब आ रहा है, सर्द हवाओं ने दस्तक देना शुरू कर दिया है। सुबह और शाम के तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है, जबकि पर्यटक स्थलों में बर्फबारी के बाद सैलानियों की हलचल बढ़ने लगी है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि नवंबर के पहले सप्ताह से हिमाचल में ठंड का असर और तेज़ हो जाएगा।