#विविध
September 23, 2025
शादी के बंधन में बंधे मंत्री विक्रमादित्य सिंह : सिख रीति-रिवाज के साथ गुरुद्वारे में लिए लावां-फेरे
आज शाम को होली लॉज में होगा दुल्हन का गृह प्रवेश
शेयर करें:

शिमला। हिमाचल प्रदेश के PWD मंत्री विक्रमादित्य सिंह और पंजाब की डॉ. अमरीन कौर आज शरादीय नवरात्र के पहले दिन शादी के पवित्र बंधन में बंध गए हैं। दोनों ने आज सुबह चंडीगढ़ सेक्टर-11 में स्थित गुरुद्वारे में फेरे लिए।
गुरुद्वारे में शादी की सभी रस्में बेहद सादगी से पूरी हुईं। इस शादी में दोनों परिवारों के सिर्फ करीबी रिश्तेदार और दोस्त ही शामिल हुए। अब सभी लोग लंच कार्यक्रम के लिए ललित होटल रवाना हो गए हैं।
शाम को विक्रमादित्य सिंह अपनी नई-नवेली दुल्हन के साथ चंडीगढ़ से शिमला के लिए रवाना हो जाएंगे। यानी शाम को शिमला के होली लॉज में नई दुल्हन का गृह प्रवेश होगा। अमरीन के गृह प्रवेश की तैयारियां भी पूरी की जा चुकी हैं।
डॉ. अमरीन और मंत्री विक्रमादित्य सिंह की दोस्ती 8-9 साल पुरानी बताई जा रही है। विक्रमादित्य सिंह की पत्नी डॉ. अमरीन कौर पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ के मनोविज्ञान विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर हैं। उनका परिवार लंबे समय से शिक्षा और न्यायिक सेवा से जुड़ा रहा है।
उनके पिता जोतिंदर सिंह सेखों पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता हैं, जबकि माता सरदारनी उपिंदर कौर समाजसेवा और सामाजिक गतिविधियों से जुड़ी रही हैं। डॉ. अमरीन कौर ने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से उच्च शिक्षा प्राप्त की है और इस वक्त चंडीगढ़ के सेक्टर-2 में अपने परिवार के साथ रहती हैं। यह उनकी पहली शादी है।
आज शादी में सिर्फ करीबी रिश्तेदारों के पहुंचने की ही संभावना है। यह विक्रमादित्य सिंह की दूसरी शादी है। हालांकि, इस शादी को लेकर विवादित पहलू भी सामने आए हैं। विक्रमादित्य की पहली पत्नी सुदर्शना सिंह अमरीन कौर को लेकर पहले कई आरोप लगा चुकी हैं।
विदित रहे कि सुदर्शना ने दावा किया था कि, यह सब विक्रमादित्य की प्रेमिका अमरीन सिंह के इशारे पर हो रहा था। उन्होंने कहा कि शादी से पहले ही विक्रमादित्य का संबंध अमरीन से था और वे अमरीन से ही विवाह करना चाहते थे। लेकिन एक पंडित ने उन्हें बताया कि यदि उन्होंने अमरीन से पहले शादी की तो उनकी मृत्यु हो सकती है। इस डर के चलते उन्होंने सुदर्शना से शादी की।
सुदर्शना ने बताया कि उनके परिवार को राजपरिवार होने के कारण उनके प्रति विश्वास था और करोड़ों रुपये खर्च करके यह शादी संपन्न हुई। पहले तो उन्हें सम्मान मिला, लेकिन वीरभद्र सिंह के निधन के बाद उन्हें प्रताड़ित किया जाने लगा। उनके अनुसार, उन्हें अपमानित किया गया, उनके स्त्रीधन और जेवरात नहीं लौटाए गए, जिनमें सोने-चांदी और हीरा जड़ित आभूषण शामिल हैं।