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October 25, 2026

युवा बेरोजगारों को नहीं...हिमाचल में सुक्खू सरकार कर रही बुजुर्गों की भर्ती, 70 हजार तक देगी वेतन

रिटायर्ड तहसीलदारों और कानूनगो की भर्ती को मांगे आवेदन

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Himachal Pradesh News

बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश में एक ओर सरकारी नौकरी की आस लगाए बेरोजगार युवाओं की लंबी कतार है, वहीं दूसरी ओर सरकारी विभागों में खाली पदों और लंबित कामकाज को निपटाने के लिए सेवानिवृत्त अधिकारियों की सेवाएं लेने की तैयारी की जा रही है। प्रदेश के बिलासपुर जिले में जिला प्रशासन ने राजस्व विभाग के सेवानिवृत्त तहसीलदारों, नायब तहसीलदारों और कानूनगो को दोबारा नियुक्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

 

खास बात यह है कि इन पदों पर नियुक्त होने वाले अधिकारियों को हर महीने 50 हजार से 70 हजार रुपये तक मानदेय दिया जाएगा। ऐसे में यह फैसला एक बार फिर रोजगार के अवसरों और सरकारी भर्ती की प्राथमिकताओं को लेकर चर्चा का विषय बन सकता है।

रिटायर्ड अधिकारियों पर भरोसा

हिमाचल प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे हजारों युवा लंबे समय से भर्ती प्रक्रियाओं, परीक्षाओं और नियुक्तियों का इंतजार कर रहे हैं। रोजगार की तलाश में जुटे युवाओं के बीच यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि जब प्रदेश में बेरोजगारों की बड़ी तादाद है, तो सरकारी कामकाज के लिए सेवानिवृत्त अधिकारियों को दोबारा नियुक्त करने की जरूरत क्यों पड़ रही है? बिलासपुर में शुरू की गई यह प्रक्रिया इसी बहस को नई हवा दे सकती है। हालांकि, प्रशासन का घोषित उद्देश्य लंबित राजस्व मामलों का तेजी से निपटारा करना और राजस्व व्यवस्था को मजबूत बनाना है।

 

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रिटायर्ड अफसरों को मिलेगी पुनर्नियुक्ति

बिलासपुर जिला प्रशासन ने सेवानिवृत्त तहसीलदारों, नायब तहसीलदारों और कानूनगो की पुनर्नियुक्ति के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। इसके लिए डीसी कार्यालय की ओर से आधिकारिक प्रक्रिया शुरू की गई है। इच्छुक और पात्र सेवानिवृत्त अधिकारी निर्धारित प्रपत्र में अपना आवेदन जमा कर सकते हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 20 नवंबर निर्धारित की गई है। प्रशासन का प्रयास अनुभवी अधिकारियों की मदद से उन राजस्व मामलों को गति देना है, जिनका निपटारा लंबे समय से लंबित है।

 

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70 हजार रुपये तक मिलेगा मानदेय

इस पुनर्नियुक्ति योजना में सबसे अधिक चर्चा मानदेय को लेकर हो रही है। निर्धारित शर्तों के अनुसार, चयनित तहसीलदार को 70,000 रुपये प्रतिमाह, नायब तहसीलदार को 60,000 रुपये प्रतिमाह और कानूनगो को 50,000 रुपये प्रतिमाह दिए जाएंगे। यानी सेवानिवृत्ति के बाद दोबारा सेवा में आने वाले अधिकारियों को उनके पद के अनुसार अच्छा-खासा मासिक मानदेय मिलेगा। ऐसे में जहां युवा रोजगार के अवसर तलाश रहे हैं, वहीं अनुभवी सेवानिवृत्त अधिकारियों को एक बार फिर सरकारी व्यवस्था में काम करने का मौका दिया जा रहा है।

 

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पांच साल का अनुभव होना जरूरी

पुनर्नियुक्ति के लिए आवेदन करने वाले अधिकारियों के पास हिमाचल प्रदेश के राजस्व विभाग के किसी भी विंग में कम से कम पांच वर्ष की सेवा का अनुभव होना अनिवार्य है। इसके अतिरिक्त, संबंधित अधिकारी के खिलाफ कोई विभागीय जांच या अनुशासनात्मक कार्रवाई लंबित नहीं होनी चाहिए। इन शर्तों का उद्देश्य ऐसे अधिकारियों का चयन करना है, जिन्हें राजस्व संबंधी कार्यों का पर्याप्त अनुभव हो और जिनकी सेवा के दौरान कार्यप्रणाली संतोषजनक रही हो।

 

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65 वर्ष से अधिक आयु वाले नहीं होंगे पात्र

प्रशासन ने आवेदन के लिए आयु संबंधी शर्त भी निर्धारित की है। जो अधिकारी 31 अक्टूबर 2026 तक 65 वर्ष से अधिक आयु पूरी कर चुके होंगे, वे इस प्रक्रिया के तहत पुनर्नियुक्ति के पात्र नहीं होंगे। इस प्रकार आवेदन करने वाले अधिकारियों को अनुभव और सेवा रिकॉर्ड के साथ निर्धारित आयु सीमा का भी ध्यान रखना होगा।

पहले तीन महीने के लिए होगी नियुक्ति

चयनित अधिकारियों को स्थायी नौकरी नहीं दी जाएगी। उनकी सेवाएं पूरी तरह अस्थायी आधार पर ली जाएंगी और शुरुआती नियुक्ति केवल तीन महीने के लिए होगी। हालांकि, कामकाज की जरूरत और अधिकारी के प्रदर्शन को देखते हुए नियुक्ति की अवधि बढ़ाई जा सकती है। प्रशासन का जोर लंबित राजस्व मामलों के शीघ्र निपटारे पर रहेगा। संबंधित कार्य पूरा होने के बाद अधिकारी की सेवाएं समाप्त भी की जा सकती हैं।

 

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मानदेय के लिए प्रदर्शन और आचरण भी अहम

इस व्यवस्था में केवल नियुक्ति हासिल कर लेना ही पर्याप्त नहीं होगा। अधिकारियों को मिलने वाला मानदेय उनके कार्य प्रदर्शन और कार्य आचरण प्रमाणपत्र के आधार पर जारी किया जाएगा। इसका अर्थ है कि नियुक्त अधिकारियों के कामकाज और व्यवहार को भी महत्वपूर्ण माना जाएगा। प्रशासन की ओर से तय शर्तों के मुताबिक, कार्य की प्रगति और विभागीय आवश्यकता के अनुसार उनकी सेवाओं को जारी रखने या समाप्त करने का निर्णय लिया जा सकता है।

आवेदन के साथ फिटनेस प्रमाणपत्र अनिवार्य

इच्छुक अधिकारियों को अपना आवेदन डीसी कार्यालय में निर्धारित प्रपत्र के माध्यम से जमा करवाना होगा। आवेदन के साथ सभी जरूरी दस्तावेज लगाने होंगे। इसके अलावा किसी सरकारी अस्पताल से जारी शारीरिक फिटनेस प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना भी अनिवार्य किया गया है। निर्धारित प्रारूप में आवेदन और आवश्यक दस्तावेज जमा नहीं करवाने वाले उम्मीदवारों के आवेदन पर विचार नहीं किया जा सकता।

 

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20 नवंबर के बाद नहीं मिलेगा मौका

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अंतिम तिथि के बाद प्राप्त होने वाले आवेदनों पर विचार नहीं किया जाएगा। अधूरे आवेदन भी स्वीकार नहीं किए जाएंगे। इसलिए पात्र सेवानिवृत्त अधिकारियों को निर्धारित समयसीमा के भीतर सभी जरूरी औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी।

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