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February 23, 2026
सुक्खू सरकार का बड़ा फैसला: नशा तस्करी में पकड़े सरकारी कर्मी बिना जांच के होंगे बर्खास्त
नियमित विभागीय जांच का नहीं किया जाएगा इंतजार जाएगी नौकरी
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शिमला। हिमाचल प्रदेश में बढ़ते चिट्टा और अन्य मादक पदार्थों के मामलों को लेकर सुक्खू सरकार ने कड़ा रुख अपना लिया है। नशा तस्करी की घटनाओं में लगातार हो रही बढ़ोतरी के बीच सरकार अब जीरो टॉलरेंस नीति पर काम कर रही है। इसी कड़ी में बड़ा प्रशासनिक फैसला लेते हुए स्पष्ट किया गया है कि यदि कोई सरकारी कर्मचारी नशा तस्करी के मामले में पकड़ा जाता है तो उसे नियमित विभागीय जांच का इंतजार किए बिना सेवा से बर्खास्त किया जा सकेगा।
राज्य के मुख्य सचिव संजय गुप्ता की ओर से सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, मंडलायुक्तों, उपायुक्तों, बोर्ड एवं निगमों के प्रबंध निदेशकों और विश्वविद्यालयों के कुल सचिवों को इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश भेजे गए हैं। आदेशों में कहा गया है कि प्रदेश में मादक पदार्थों से जुड़े मामलों को अत्यंत गंभीरता से लिया जाए और किसी भी स्तर पर ढिलाई न बरती जाए।
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सरकार ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी कर्मचारी के खिलाफ मादक पदार्थों के कब्जे, तस्करी, परिवहन, वित्तीय सहायता या सहयोग जैसे आरोपों में मामला दर्ज होता है, विशेषकर NDPS Act 1985 के तहत, तो सक्षम प्राधिकारी परिस्थितियों के आधार पर सीधे सेवा से हटाने की कार्रवाई कर सकता है।
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यह प्रावधान अनुच्छेद 311(2)(बी) और केंद्रीय सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण और अपील) नियम, 1965 के नियम 19 के अंतर्गत उपलब्ध है, जिसके तहत यदि नियमित विभागीय जांच कर पाना व्यावहारिक न हो तो लिखित कारण दर्ज कर सीधी कार्रवाई की जा सकती है।
हालांकि सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह कदम मनमाने ढंग से लागू नहीं होगा। प्रत्येक मामले में तथ्यों की गहन जांच की जाएगी और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों व संवैधानिक प्रावधानों का पालन अनिवार्य रहेगा। विशेष परिस्थितियों में ही इस प्रावधान का इस्तेमाल किया जाएगा।
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सुक्खू सरकार के इस फैसले को प्रशासनिक सख्ती के रूप में देखा जा रहा है। सरकार का मानना है कि यदि सरकारी तंत्र में शामिल कोई व्यक्ति ही नशा तस्करी जैसी गतिविधियों में संलिप्त पाया जाता है, तो यह व्यवस्था की साख पर गंभीर प्रश्न खड़ा करता है। ऐसे में कठोर कार्रवाई से न केवल अनुशासन सुनिश्चित होगा, बल्कि समाज में भी कड़ा संदेश जाएगा।
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सरकार ने निर्देश दिए हैं कि इन आदेशों को सभी अधीनस्थ कार्यालयों तक व्यापक रूप से प्रसारित किया जाए, ताकि प्रदेश में नशा तस्करी के खिलाफ चल रही मुहिम को और मजबूती मिल सके।