#अपराध
February 23, 2026
हिमाचल में बड़ा प्रॉपर्टी घोटाला: मालिक बन दंपति ने बेच दिया किसी और का फ्लैट; ऐसे हुआ खुलासा
SP ऊना दी थी जानकारी, नहीं उठाया हुई कोई कार्रवाई
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ऊना। हिमाचल प्रदेश में ठगी के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। कभी युवाओं को विदेश भेजने के नाम पर लाखों की ठगी हो रही है, तो कहीं सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर लोगों को चूना लगाया जा रहा है। इसी बीच जिला ऊना से ठगी का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने सबको हैरान कर दिया है। यहां एक दंपति ने ऐसा फ्लैट बेच दिया, जिसके वे असली मालिक ही नहीं थे। भरोसे का फायदा उठाकर लाखों रुपये लेने के इस मामले ने लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मामला जिला ऊना का है। यहां पर फ्लैट बेचने के नाम पर एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। बता दें कि धर्मेन्द्र ने अपनी पत्नी कृष्णा देवी के नाम पर एक 2-BHK फ्लैट खरीदने का फैसला किया था। इसके लिए उन्होंने प्रीतम कसना और उसकी पत्नी परमजीत कौर से संपर्क किया।
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प्रीतम कसना सरकारी कर्मचारी बताया जा रहा है। दोनों पक्षों के बीच 44 लाख रुपये में सौदा तय हुआ। इकरारनामे में परमजीत कौर को फ्लैट की मालकिन बताया गया, जिस पर भरोसा करते हुए धर्मेन्द्र ने लगभग 40 लाख रुपये आरोपियों को दे दिए।
पैसे देने के बाद जब रजिस्ट्री कराने की बारी आई तो आरोपी टालमटोल करने लगे। कभी तारीख आगे बढ़ाई जाती, तो कभी कोई और बहाना बनाया जाता। जब काफी समय बीत गया तो धर्मेन्द्र ने अपने पैसे वापस मांगे। मामला बिगड़ता देख मामला कोर्ट तक पहुंच गया।
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कोर्ट में मध्यस्थता के दौरान आरोपियों ने अपनी गलती मानते हुए 30 मई 2025 से पहले 34 लाख रुपये लौटाने का वादा किया। लेकिन तय समय निकल जाने के बाद भी न तो पैसे लौटाए गए और न ही कोई ठोस जवाब दिया गया। इससे परेशान होकर धर्मेन्द्र ने कोर्ट में एग्जीक्यूशन दायर की और आरोपियों की संपत्ति जब्त करने की मांग की।
जब राजस्व रिकॉर्ड की जांच की गई तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ। जिस फ्लैट का सौदा किया गया था, वह आरोपी पति-पत्नी के नाम पर था ही नहीं। यानी उन्होंने किसी और की संपत्ति का सौदा दिखाकर लाखों रुपये ले लिए। इस खुलासे के बाद मामला और गंभीर हो गया।
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धर्मेन्द्र के वकील योगेश्वर पाठक के मुताबिक, इस पूरे मामले की शिकायत पहले पुलिस थाना और SP ऊना को भी दी गई थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। आखिरकार मजबूर होकर पीड़ित को अदालत की शरण लेनी पड़ी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (CJM) नेहा शर्मा ने पुलिस को आरोपी प्रीतम कसना और परमजीत कौर के खिलाफ तुरंत धोखाधड़ी का मामला दर्ज करने के आदेश जारी किए हैं। अब पुलिस पर जिम्मेदारी है कि वह निष्पक्ष जांच करे और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करे।