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August 6, 2025
हिमाचल : दो मिनट की दूरी पर था अस्पताल, नहीं पहुंची एंबुलेंस- महिला ने सड़क पर ही जन्मा मासूम
20 मिनट लेट पहुंची एंबुलेंस, पति स्ट्रेचर पर ले जा रहा था पत्नी
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सिरमौर। हिमाचल में बरसात ने कई इलाकों में भारी तबाही मचाई हुई है। भारी बारिश के कारण सड़कों की हालत खराब हो गई है- जिससे लोगों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ा रहा है। मगर आसमान तले जब मां की ममता हौसला बन गई, तो किस्मत भी झुक गई, जिंदगी मुस्कुरा उठी। ऐसा ही एक मामला सिरमौर जिले के मुख्यालय नाहन से सामने आया है।
यहां पर एक महिला ने सड़क किनारे पथरीली जमीन पर बच्ची को जन्म दिया है। नवजात बच्ची और मां पूरी तरह से स्वस्थ है। फिलहाल, दोनों अभी अस्पताल में डॉक्टरों की निगरानी में हैं।
बता दें कि जिस जगह पर महिला ने बच्ची को जन्म दिया है- उस जगह से अस्पताल महज दो मिनट की दूरी पर ही था। मगर एंबुलेंस फिर भी समय पर महिला तक नहीं पहुंच पाई और महिला ने रास्ते में ही बच्ची को जन्म दे दिया।
सड़क पर बच्ची को जन्म देने वाली 21 वर्षीय महिला कुपवी क्षेत्र की रहने वाली है। गर्भवती होने के चलते महिला पिछले कुछ दिनों से अपने पति के साथ रिश्तेदार के घर पर रह रही थी। सोमवार रात को उसे प्रसव पीड़ा शुरू हुई तो पति उसे लेकर अस्पताल के लिए निकल पड़ा।
इसी दौरान जैसे ही वो लोग गुन्नूहाट बाजार पुहंचे तो महिला की तबीयत ज्यादा खराब हो गई और महिला जोर-जोर से चिल्लाने लगी। महिला के चिल्लाने की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। लोगों ने एंबुलेंस को फोन किया। मगर एंबुलेंस समय से नहीं पहुंची और महिला ने सड़क पर ही बच्ची को जन्म दे दिया।
डिलीवरी के बाद महिला की हालत ज्यादा खराब होने लगी। ऐसे में पति खुद अस्पताल भागता हुआ पहुंचा और वहां से स्ट्रेचर लेकर आया। पति ने स्ट्रेचर पर पत्नी को गुन्नूहाट पुलिस चौकी के सामने सड़क तक पहुंचाया। इसी बीच एंबुलेंस भी पहुंच गई- फिर उसने महिला को अस्पताल पहुंचाया।
लोगों ने बताया कि एंबुलेंस ने दो मिनट की दूरी कवर करने में 15 से 20 मिनट लगा दिए। महिला के पति का कहना है कि शुक्र है कि कोई अनहोनी नहीं हुई- मेरी पत्नी और बच्ची दोनों स्वस्थ्य हैं। उसने कहा कि संबंधित विभाग को इस पर संज्ञान जरूर लेना चाहिए- ताकि ऐसा दोबारा किसी के साथ ना हो।
वहीं, मामले को लेकर लोगों में भारी रोष है। लोगों का कहना है कि डिलीवरी के बाद महिला की हालत काफी खराब हो गई थी। उनका कहना है कि दिन के समय एंबुलेंस चालक देरी से आने पर सड़क पर जाम होने की बात कहते हैं। मगर रात के समय तो कोई जाम नहीं था। ऐसे में स्पष्ट है कि एंबुलेंस चालक ने लापरवाही बरती है। उसने दो-तीन मिनट का सफर तय करने में लगभग 20 मिनट लगा दिए।