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October 11, 2025
स्व. वीरभद्र की प्रतिमा अनावरण समारोह के दिन निजी बस ऑपरेटर करेंगे हड़ताल, जानें क्यों
राजधानी शिमला में सरकार की नीतियों के खिलाफ बोलेंगे हल्ला
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शिमला। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में 13 अक्टूबर को आम जनता को यातायात समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इस दिन निजी बस ऑपरेटरों ने हड़ताल का ऐलान किया है। इसका ऐलान निजी बस ड्राइवर.कंडक्टर यूनियन ने सरकार और परिवहन विभाग की नीतियों के विरोध में किया है। खास बात यह है कि यह हड़ताल उसी दिन हो रही है, जब शिमला में पूर्व मुख्यमंत्री स्व वीरभद्र सिंह की प्रतिमा का अनावरण समारोह आयोजित किया जाएगा।
यूनियन के अध्यक्ष रूप लाल ठाकुर ने बताया कि लंबे समय से निजी बस मालिक अपनी जायज़ मांगों को लेकर सरकार के दरवाज़े खटखटा रहे हैं, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला। उन्होंने आरोप लगाया कि बढ़ती डीज़ल कीमतें, टैक्स का बोझ और रूट परमिट में असमानता के कारण निजी बसों को भारी घाटा उठाना पड़ रहा है। उनका कहना है कि सरकार केवल एचआरटीसी की बसों को बढ़ावा दे रही है, जबकि निजी बस सेवाओं को नजरअंदाज किया जा रहा है।
यूनियन का कहना है कि जिला प्रशासन और परिवहन विभाग इसे लागू करवाने में पूरी तरह असफल रहे हैं, जिससे शहर में यातायात जाम की स्थिति बनी रहती है। निजी बस ऑपरेटरों को भी भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
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प्राइवेट बस परिचालक यशपाल ने चेताया है कि यदि उनकी समस्याओं का जल्द समाधान नहीं हुआ, तो 13 अक्टूबर की हड़ताल अनिश्चितकालीन भी हो सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि एचआरटीसी नियमों का उल्लंघन कर रहा है। स्कूल बसों में आम सवारियों को बैठाया जा रहा है, मरम्मत के लिए वर्कशॉप जाने वाली बसें सवारियों के साथ लौट रही हैं, और कई बसें बिना रूट परमिट और टाइम टेबल शहर में चल रही हैं।
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इस हड़ताल का सबसे बड़ा असर उन क्षेत्रों पर पड़ेगा, जो शिमला से जुड़ी बस सेवाओं पर निर्भर हैं, जैसे ढली, संजौली, टुटू, समरहिल, न्यू शिमला और शोघी। सड़कों पर निजी बसें न चलने के कारण ऑफिस, स्कूल और कॉलेज जाने वाले यात्रियों को वैकल्पिक साधन तलाशने होंगे।
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अब सवाल यह उठता है कि क्या सरकार आखिरी वक्त तक चुप रहेगी या यात्रियों की सुविधा और प्रतिमा अनावरण समारोह को देखते हुए कोई समाधान निकालेगी। फिलहालए परिवहन विभाग की ओर से इस मुद्दे पर कोई औपचारिक बयान नहीं आया है।