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August 29, 2025
हिमाचल: खतरे के निशान से ऊपर पहुंचा पौंग डैम, 90 गांवों में मचा हाहाकार; हजारों लोग....
हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया, स्कूल-कॉलेज बंद, राहत-बचाव कार्य जारी
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इंदौरा (कांगड़ा)। हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण हालात बेकाबू हो गए हैं। पौंग डैम का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है, जिससे आसपास के इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है। फतेहपुर और इंदौरा उपमंडल के दर्जनों गांवों में पानी घुस गया है। खेत जलमग्न हैं, सड़कों का संपर्क टूटा है और लोग अपने घरों को छोड़ने को मजबूर हो गए हैं।
आज शुक्रवार सुबह पौंग डैम का जलस्तर 1391.91 फीट दर्ज किया गया, जबकि इसका खतरे का निशान 1390 फीट है। जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि को देखते हुए प्रबंधन ने सुबह 9 बजे से डैम से पानी की निकासी बढ़ाकर 1.10 लाख क्यूसेक कर दी है। इससे नदी-नालों का जलस्तर और अधिक बढ़ गया है, जो फतेहपुर और इंदौरा क्षेत्रों के लिए खतरे की घंटी बन चुका है।
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मंड क्षेत्र की 21 पंचायतों के लगभग 90 गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है। खेतों में खड़ी फसलें जलमग्न हो चुकी हैं, कई मकानों में पानी भर गया है। ग्रामीणों को प्रशासन की मदद से ऊंचे स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। एसडीएम इंदौरा डॉ सुरेंद्र ठाकुर के नेतृत्व में एनडीआरएफ की टीमों ने मंड घडरां क्षेत्र से अब तक 15 लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू किया है, जिनमें महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग शामिल हैं।
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पौंग डैम से छोड़े गए पानी का असर सिर्फ हिमाचल में ही नहीं, बल्कि पंजाब के निचले क्षेत्रों तक देखा जा रहा है। शाहनहर बैराज से ब्यास नदी में 93,258 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है] जिससे नदी उफान पर है और आसपास के इलाकों में अलर्ट जारी कर दिया गया है।
प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रभावित पंचायतों – बडुखर, भोगरवां, पलाख, सुररावां, सनौर, घडरां, इंदौरा, कठगढ़, मंड मियानी, पराल, मलकाना, बरोटा, ठाकुरद्वारा, बसंतपुर, मिलवां, उलहेरियां और बकराडवां – में स्थित सभी सरकारी व निजी स्कूलों, कॉलेजों, तकनीकी संस्थानों, विश्वविद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों को 30 अगस्त तक बंद रखने के निर्देश दिए हैं।
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एसडीएम डॉ सुरेंद्र ठाकुर ने कहा कि प्रशासन पूरी तरह से स्थिति पर नजर बनाए हुए है और हरसंभव राहत और बचाव कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने आमजन से अपील की है कि कोई भी व्यक्ति नदी-नालों के पास न जाए और किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन को तुरंत सूचित करें। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचना का ही पालन करें।
मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों के लिए भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इस चेतावनी के मद्देनज़र हालात और बिगड़ सकते हैं। डैम पर लगातार दबाव बढ़ रहा है और अगर बारिश नहीं थमी तो और अधिक पानी छोड़ना पड़ सकता है, जिससे बाढ़ की स्थिति और विकराल हो सकती है।
भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड ने गुरुवार को स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा कि पौंग डैम से 1,10,000 क्यूसेक पानी छोड़ा जाएगा। इसके चलते रियाली क्षेत्र के 2023 में प्रभावित सभी गांवों को शुक्रवार दोपहर 12 बजे तक खाली करने के आदेश दिए गए हैं। लगभग 17 पंचायतों के 60 गांवों के 20,000 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का काम युद्धस्तर पर जारी है।
स्थानीय निवासियों की सबसे बड़ी चिंता उनकी फसल और मकानों को लेकर है। उनका कहना है कि खेती ही उनकी जीविका का एकमात्र स्रोत है, लेकिन अब उनकी खड़ी फसलें पानी में बह रही हैं। मकानों में पानी घुसने से उन्हें रहने का संकट भी खड़ा हो गया है। आने वाले दिनों में भोजन और आश्रय की व्यवस्था करना उनके लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है, प्रशासन ने आम लोगों से संयम और सहयोग की अपील की है। यदि बारिश का सिलसिला नहीं थमा, तो आने वाले दिनों में हिमाचल के कई अन्य हिस्सों को भी गंभीर संकट का सामना करना पड़ सकता है।