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August 29, 2025
हिमाचल में कभी पदोन्नत नहीं होंगे पंचायत सचिव, ना मिलेगा OPS का लाभ, जानें क्यों
सेवा के दौरान जा*न जाने पर आश्रितों को करुणामूलक आधार मिलेगी नौकरी
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शिमला। हिमाचल प्रदेश में पंचायती राज व्यवस्था के तहत कार्यरत हजारों पंचायत सचिवों को सरकार की ओर से एक बड़ा झटका लगा है। राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि जिला परिषद कैडर के अंतर्गत आने वाले पंचायत सचिवों के लिए न तो पदोन्नति (प्रमोशन) का कोई प्रावधान है और न ही इन्हें पुरानी पेंशन योजना (OPS) का लाभ मिलेगा। यह जानकारी ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने हिमाचल विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।
विपक्षी भाजपा के विधायक सुधीर शर्मा द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में मंत्री ने बताया कि वर्तमान में जिला परिषद कैडर के तहत कार्यरत पंचायत सचिवों के लिए किसी भी प्रकार के उच्च श्रेणी के गैर.तकनीकी पद सृजित नहीं किए गए हैं। यही कारण है कि इन कर्मचारियों की पदोन्नति का रास्ता पूरी तरह से बंद है। पंचायत सचिवों में इस बात को लेकर गहरी नाराजगी है, क्योंकि वे वर्षों से स्थायी सेवा के बावजूद एक ही पद पर बने हुए हैं।
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पदोन्नति की राह बंद होने के साथ ही इन कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना का भी लाभ नहीं दिया जाएगा। मंत्री ने साफ कहा कि जिला परिषद कैडर में कार्यरत पंचायत सचिवों को ओपीएस पूरानी पेंशन स्कीम का लाभ देने को लेकर सरकार के पास कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। उन्होंने बताया कि ये कर्मचारी स्थानीय स्वायत्त निकायों के अधीन आते हैं, न कि राज्य सरकार के नियमित विभागों के तहत। इसी वजह से इन्हें सेंट्रल सिविल सर्विसेज पेंशन रूल्स 1972 के अंतर्गत नहीं लाया जा सकता और इन्हें न्यू पेंशन स्कीम के तहत ही रखा गया है।
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हालांकि] मंत्री ने यह अवश्य स्पष्ट किया कि पंचायत सचिवों की सेवा के दौरान मृत्यु हो जाने की स्थिति में उनके आश्रितों को करुणामूलक आधार पर नौकरी देने का प्रावधान वर्ष 2015 से लागू है। लेकिन यह सुविधा पदोन्नति या पेंशन के विकल्प की भरपाई नहीं कर पा रही है।
आंकड़ों के अनुसार हिमाचल प्रदेश में जिला परिषद कैडर के अंतर्गत कुल 3,746 कर्मचारी सेवाएं दे रहे हैं। इनमें से सबसे अधिक 2,581 पंचायत सचिव हैं। इनके अलावा तकनीकी और प्रशासनिक पदों पर कार्यरत अन्य कर्मचारियों में एक एग्जीक्यूटिव इंजीनियर, 26 असिस्टेंट इंजीनियर, 12 ब्लॉक इंजीनियर, 5 डिजाइन इंजीनियर, 168 जूनियर इंजीनियर, 906 टेक्निकल असिस्टेंट, 11 स्टेनोग्राफर, 12 जूनियर अकाउंटेंट, 12 डाटा एंट्री ऑपरेटर और 12 सेवादार कम चौकीदार शामिल हैं।
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सरकारी फैसले के बाद पंचायत सचिवों के संगठन और कर्मचारी यूनियनें नाराजगी जता रही हैं। कई कर्मचारी नेताओं ने संकेत दिए हैं कि यदि सरकार जल्द से जल्द पदोन्नति और OPS को लेकर सकारात्मक कदम नहीं उठाती, तो राज्यभर में प्रदर्शन और आंदोलन की राह अपनाई जा सकती है।