#अपराध
August 29, 2025
हिमाचल के 25 वर्षीय युवक की चंडीगढ़ में मिली देह, चार बहनों का था इकलौता भाई
सीमा विवाद में उलझी रही पंचकूला और चंडीगढ़ पुलिस] घंटों वहीं पड़ी रही देह
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शिमला/चंडीगढ़। हिमाचल प्रदेश के एक युवक की चंडीगढ़ में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। युवक मात्र 25 साल का था और चार बहनों का इकलौता भाई था। युवक का शव बीती रात को चंडीगढ़ के मनीमाजरा और हरियाणा के पंचकूला बॉर्डर क्षेत्र में झाड़ियों में पड़ा मिला। युवक की पहचान हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले के संजौली निवासी रमेश (25) के रूप में हुई है। रमेश का शव मनीमाजरा स्थित मोटर मार्केट के पास झाड़ियों में पड़ा मिला।
हद तो तब हो गई, जब युवक का शव मिलने की सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची पंचकूला और चंडीगढ़ पुलिस के बीच सीमा विवाद शुरू हो गया, जिसके चलते युवक का शव घंटों तक वहीं पड़ा रहा। घटना की सूचना मिलते ही मृतक के परिजन मौके पर पहुंचे और पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि उन्होंने चंडीगढ़ पुलिस से कई बार मदद मांगी, लेकिन उन्हें कोई सहायता नहीं मिली और उन्होंने खुद ही रमेश का शव ढूंढा।
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परिजनों के अनुसार रमेश 25 अगस्त को अपनी गाड़ी ठीक करवाने के लिए शिमला से चंडीगढ़ आया था। वह पहले भी यहां कबाड़ बेचने आता था। मनीमाजरा की मोटर मार्केट में उसकी मुलाकात संजौली के ही दो अन्य युवकों मन्नू और चक्सू से हुई] जो पहले से ही किसी काम से चंडीगढ़ आए हुए थे। रमेश के साथ आखिरी बार उसकी बड़ी बहन डॉली की 26 अगस्त की रात 8 बजे के आसपास फोन पर बातचीत हुई थी। इसके बाद से रमेश का फोन लगातार बजता रहा] लेकिन किसी ने कॉल रिसीव नहीं की।
रमेश की संदिग्ध मौत की जानकारी सबसे पहले मन्नू के एक दोस्त सूरज के जरिए उसके भांजे मनोज को दी गई। सूरज ने वीरवार सुबह करीब 9 बजे फोन कर बताया कि रमेश की नाक से खून बह रहा है और वह मोटर मार्केट के पास झाड़ियों में पड़ा है। इसके बाद परिवार वाले तुरंत मौके पर पहुंचे।
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मृतक के कपड़ों से पुलिस को उसका मोबाइल फोन बरामद हुआ है। अब पुलिस उसकी कॉल डिटेल खंगालकर यह जानने की कोशिश कर रही है कि रमेश की किन-किन लोगों से आखिरी बार बात हुई थी और किन हालातों में उसकी मौत हुई। पुलिस का यह भी कहना है कि रमेश को हाल ही में गाड़ी मालिक द्वारा 20 से 22 हजार रुपये दिए गए थे, जो अब लापता हैं। यह रकम कहां गई, इसका भी पता लगाया जा रहा है।
पंचकूला एमडीसी थाना पुलिस ने घटनास्थल से कुछ सीरिंज बरामद की हैं, जिससे पुलिस को आशंका है कि युवक की मौत नशे की ओवरडोज से हो सकती है। हालांकि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो सकेगा। पंचकूला पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर सेक्टर-6 के सिविल अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया है।
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मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया कि जब वे घटना की जानकारी मिलने के बाद सबसे पहले संजौली थाने गए, तो वहां से कोई मदद नहीं मिली। हिमाचल पुलिस ने भी चंडीगढ़ या पंचकूला पुलिस से संपर्क नहीं किया। परिजनों का यह भी कहना है कि बॉर्डर पर शव मिलने के कारण पुलिस के दोनों थाने (मनीमाजरा और पंचकूला) सीमा विवाद में उलझे रहे और समय पर कार्रवाई नहीं हुई।
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पुलिस अब रमेश के दोस्तों मन्नू और चक्सू से पूछताछ कर रही है कि वे रमेश के साथ आखिरी बार कहां थे और क्या हुआ था। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या रमेश नशे का आदी था या उसे किसी साजिश के तहत मौत के घाट उतारा गया।
पंचकूला की डीसीपी सृष्टि गुप्ता स्वयं मौके पर पहुंचीं और मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के आदेश दिए। एमडीसी थाना प्रभारी एसएचओ वीरेंद्र सिंह ने बताया कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है और सभी संभावनाओं को ध्यान में रखकर पूछताछ की जा रही है।