#विविध
June 5, 2025
हिमाचल में OPS रहेगी या, UPS होगी लागू, केंद्र के दबाव पर सीएम सुक्खू ने कर दिया साफ
सीएम सुक्खू बोले कर्मचारियों के सम्मान के लिए लागू की ओपीएस
शेयर करें:

शिमला। केंद्र की मोदी सरकार ने कर्मचारियों के लिए नई यूनिफाइड पेंशन स्कीम यूपीएस को पहली अप्रैल से लागू कर दिया है। केंद्र ने देश के सभी राज्यों को भी यूपीएस लागू करने को कहा है। हिमाचल में कांग्रेस ने सत्ता में कदम रखते ही कर्मचारियों को राहत देते हुए ओपीएस को लागू कर दिया था। ऐसे में अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या हिमाचल में भी यूपीएस लागू होगी। जिस पर सीएम सुक्खू का बड़ा बयान सामने आया है।
सीएम सुक्खू ने कहा कि हिमाचल में 2022 में कांग्रेस की सरकार बनते ही कर्मचारियों को राहत प्रदान करते हुए ओपीएस को बहाल किया था। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से यूनिफाइड पेंशन स्कीम को हिमाचल में लागू करने का भारी दबाव है, लेकिन इसके बावजूद हिमाचल सरकार ओपीएस से पीछे हटने के मूड़ में नहीं है। हिमाचल में ओपीएस ही लागू रहेगी।
यह भी पढ़ें : पर्ची फीस पर सीएम सुक्खू का यू टर्न, बोले- हमने नहीं थोपा, फिर कहां से आया आइडिया? जानें
ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि हमने साल 2022 में सत्ता संभालते ही पहली ही कैबिनेट में ओपीएस को लागू किया था। प्रदेश के 1.36 लाख कर्मचारियों को सरकार ने ओपीएस का लाभ दिया, ताकि वह बुढ़ापे में सम्मान के साथ अपना जीवन जी सकें। सीएम सुक्खू ने बताया कि दिल्ली में वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण से हुई बैठक में भी सवाल पूछा गया था, कि हम इन कर्मचारियों को यूपीएस में लाने का विचार कर रहे हैं। मैंने स्पष्ट कहा कि हम खुद एक सरकारी कर्मचारी के बेटे हैं और इस निर्णय के पीछे कर्मचारियों की सुरक्षा भावना है, राजनीति नहीं।
यह भी पढ़ें : सुक्खू सरकार का एक नियम, और BPL सूची से बाहर हो गए हजारों परिवार; जानें
सीएम सुक्खू ने कहा कि हिमाचल में ओपीएस को लागू करना कर्मचारियों के हित में लिया गया फैसला है, ना कि कोई राजनीतिक फैसला। अगर यह कोई राजनीतिक फैसला होता तो हिमाचल में ओपीएस को साल 2027 में लागू किया जाता, लेकिन सरकार ने ऐसा नहीं किया। सरकार ने सत्ता में कदम रखते ही पहला फैसला ओपीएस लागू करने का किया।
केंद्र सरकार ने 1 अप्रैल 2025 से UPS (यूनिफाइड पेंशन स्कीम) लागू की है, जो NPS (नेशनल पेंशन स्कीम) में पंजीकृत कर्मचारियों पर लागू होगी। UPS के तहत रिटायर होने वाले कर्मचारी को आखिरी 12 महीनों की औसत बेसिक सैलरी का 50% पेंशन के रूप में मिलेगा, बशर्ते उन्होंने कम से कम 25 साल की नौकरी की हो। वहीं 10 साल सेवा करने वाले कर्मचारी को न्यूनतम 10,000 रुपये मासिक पेंशन की गारंटी होगी। हरियाणा और महाराष्ट्र जैसे राज्य UPS को पहले ही लागू कर चुके हैं।
यह भी पढ़ें : सुख की सरकार में दुख भरे दिन- सर्टिफिकेट बनाने पर लगेंगे डबल पैसे, छात्रों को करनी होगी जेब ढीली
मुख्यमंत्री सुक्खू ने बताया कि जब प्रदेश में ओपीएस लागू की गई, तब से केंद्र सरकार ने हर साल मिलने वाली 1600 करोड़ रुपए की वित्तीय सहायता रोक दी है। बावजूद इसके राज्य सरकार ने न केवल ओपीएस को बरकरार रखा है, बल्कि उसे और मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। अगर हमारा उद्देश्य सिर्फ चुनावी फायदा होता तो हम इसे 2027 चुनाव से ठीक पहले लागू करते, लेकिन हमने अपनी पहली ही कैबिनेट में यह फैसला लिया।