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August 15, 2025

स्वतंत्रता दिवस पर मायूस हुए हिमाचल के कर्मचारी-पेंशनर, DA की घोषणा न होने से टूटी उम्मीदें

सरकाघाट में सीएम सुक्खू ने की कई घोषणाएं, पर कर्मचारियों को भूली सरकार

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Independence Day Himacha Pradesh

सरकाघाट (मंडी)। हिमाचल प्रदेश में 79वां स्वतंत्रता दिवस इस बार भव्यता और देशभक्ति की भावना के साथ मनाया गया। राज्य स्तरीय समारोह का आयोजन मंडी जिले के सरकाघाट में किया गया, जहां मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने ध्वजारोहण कर समारोह की अध्यक्षता की। भारी बारिश के बावजूद आमजन और स्वयंसेवकों में देशभक्ति का जोश देखने लायक था, लेकिन इसी बीच लाखों कर्मचारियों और पेंशनरों के चेहरों पर निराशा के भाव भी देखने को मिले।

डीए को लेकर नहीं की कोई घोषणा

दरअसल, लंबे समय से राज्य के सरकारी कर्मचारी और पेंशनर महंगाई भत्ते (DA) की बहुप्रतीक्षित घोषणा का इंतजार कर रहे थे। उम्मीद जताई जा रही थी कि मुख्यमंत्री स्वतंत्रता दिवस के मंच से इस संबंध में राहत भरी घोषणा करेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। समारोह में कई विकासपरक घोषणाएं जरूर की गईं, लेकिन कर्मचारियों और पेंशनर्स के हित में कोई ठोस घोषणा न होने से यह वर्ग हताश नजर आया।

 

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टूटी उम्मीदें, अधूरी रह गई आस

हर साल स्वतंत्रता दिवस पर जहां सरकार की तरफ से कर्मचारियों के लिए कुछ न कुछ राहत मिलती थी, इस बार वे पूरी तरह से उपेक्षित रहे। प्रदेश के करीब 1.87 लाख सरकारी कर्मचारी और 1.78 लाख पेंशनभोगी DA की घोषणा की प्रतीक्षा कर रहे थे। प्रदेश में कर्मचारियों को अब तक कुल 13 फीसदी DA देय है, जिसकी किस्तें 1 जुलाई 2023 से लंबित हैं। इसके बाद 1 जनवरी 2024, 1 जुलाई 2024 और 1 जनवरी 2025 की किस्तें भी बाकी हैं।

 

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कर्मचारी वर्ग निराश

राज्य सरकार की ओर से DA के मुद्दे पर चुप्पी साधे रखना कर्मचारियों में गहरी नाराजगी और निराशा का कारण बना है। स्वतंत्रता दिवस जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर भी कर्मचारियों को कोई राहत न मिलना उनके लिए असमय की गूंज जैसी साबित हुई।

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जनता में दिखा जोश, लेकिन कर्मचारी वर्ग रहा निराश

सरकाघाट के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय मैदान में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री ने ओपन जीप में सवार होकर परेड का निरीक्षण किया और सेना, पुलिस, एनसीसी तथा एनएसएस के जवानों की टुकड़ियों द्वारा किए गए मार्च पास्ट की सलामी ली। मूसलाधार बारिश के बावजूद समारोह में भारी भीड़ उमड़ी और जनता का जोश देखते ही बनता था।

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मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता सेनानियों को नमन करते हुए प्रदेशवासियों को कई महत्वपूर्ण योजनाओं की सौगात दी। लेकिन कर्मचारियों के हित में कोई बड़ी घोषणा न होने से यह वर्ग खुद को उपेक्षित महसूस कर रहा है। इससे पहले सरकार की ओर से संकेत दिए जा रहे थे कि स्वतंत्रता दिवस पर DA की एक या दो किस्तों की घोषणा हो सकती है, लेकिन मंच से इस पर एक शब्द भी न कहे जाने से सभी उम्मीदें धराशायी हो गईं।

क्या कहते हैं कर्मचारी संगठन?

राज्य कर्मचारी संगठनों का कहना है कि सरकार को कम से कम 4 फीसदी DA की एक किस्त तो तुरंत देनी चाहिए थी। बढ़ती महंगाई के इस दौर में सरकार की यह चुप्पी कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति पर भी असर डाल रही है। कर्मचारी नेताओं ने सरकार से अपील की है कि वे जल्द से जल्द DA की किस्तें जारी करें और इस वर्ग की नाराजगी को गंभीरता से लें।

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