#उपलब्धि
August 15, 2025
हिमाचल की बेटी ने विदेश में जीता मेडल, मुक्केबाजी में रोशन किया नाम- खुशी से नम हुई मां की आंखें
श्रुति का इस चैंपियनशिप तक का सफर आसान नहीं था
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रिकांगपिओ। किसी ने क्या खूब लिखा है कि हौसलों की उड़ान जब परवाज बन जाए, पर्वतों की बेटी भी दुनिया पर छा जाए। इन्हीं शब्दों को बखूबी चरितार्थ कर दिखाया है हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले की बेटी श्रुति ने।
जिले के चांसू गांव की होनहार बेटी श्रुति ने एक बार फिर साबित कर दिया कि पहाड़ की बेटियां किसी से कम नहीं। बैंकॉक में 1 से 12 अगस्त तक आयोजित यूथ अंडर-22 एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप में 75 किलोग्राम भार वर्ग में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए उन्होंने कांस्य पदक अपने नाम किया।
इस जीत के साथ श्रुति ने न केवल प्रदेश का नाम रोशन किया, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का परचम भी लहराया। श्रुति का इस चैंपियनशिप तक का सफर आसान नहीं था। इससे पहले उन्होंने पुणे में आयोजित ट्रायल में शानदार प्रदर्शन कर टीम इंडिया में अपनी जगह पक्की की।
कड़ी मेहनत और मजबूत इरादों के दम पर वह थाईलैंड के रिंग तक पहुंचीं और दमदार मुक्कों से अपने विरोधियों को चुनौती दी। इस सफलता को हासिल करने के बाद श्रुति सांगला क्षेत्र की पांचवीं अंतरराष्ट्रीय महिला बॉक्सर बन गई हैं।
श्रुति के बेसिक कोच ओपिंद्र सिंह ने शुरू से ही उनकी तकनीक, फिटनेस और खेल कौशल पर खास ध्यान दिया। वर्तमान में वह JSW के ‘शिखर प्रोग्राम’ से जुड़ी हैं, जो उन्हें खेल संबंधी अत्याधुनिक सुविधाएं और प्रशिक्षण समर्थन प्रदान करता है।
JSW परियोजना प्रमुख कौशिक मौलिक ने श्रुति को इस उपलब्धि के लिए बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उनकी माता सीता देवी बेटी की इस सफलता के बाद भावुक हो गई। उनकी आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े। उन्होंने कहा कि यह सफलता केवल श्रुति की नहीं, बल्कि पूरे गांव और प्रदेश की है। उन्होंने बेटी की मेहनत और लगन पर गर्व जताया।
यह पहला मौका नहीं है जब श्रुति ने बड़ी उपलब्धि हासिल की हो। 2023 में आयोजित 6वीं यूथ महिला नेशनल बॉक्सिंग चैंपियनशिप में उन्होंने स्वर्ण पदक जीता था। इसके अलावा खेलो इंडिया यूथ गेम्स 2024 में कांस्य पदक और आरईसी कंबाइंड नेशनल टैलेंट हंट इंटर जोन 2024 में स्वर्ण पदक भी उनके खाते में दर्ज हैं।
कांस्य पदक जीतने के बाद अब श्रुति का लक्ष्य एशियन चैंपियनशिप में स्वर्ण और ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करना है। उनका मानना है कि सही दिशा में मेहनत, अनुशासन और भरोसा किसी भी खिलाड़ी को सपनों की ऊंचाई तक ले जा सकता है।