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August 15, 2025
हिमाचल कैडर के IPS को बड़ा सम्मान, PM सुरक्षा में भी रहे तैनात- नाम से ही डरते हैं नशा तस्कर
COVID काल में भी ड्यूटी पर डटे रहे
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शिमला। हिमाचल प्रदेश के लिए गौरव का क्षण है। राज्य के 2009 बैच के अखिल भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारी और वर्तमान में स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (SPG) में DIG के पद पर तैनात विमुक्त रंजन को उनकी विशिष्ट और उत्कृष्ट सेवाओं के लिए प्रतिष्ठित राष्ट्रपति पदक से सम्मानित किया गया है।
यह पदक देश की आंतरिक सुरक्षा और विशेष सेवाओं के क्षेत्र में असाधारण योगदान के लिए दिया जाता है। हमीरपुर जिले के निवासी विमुक्त रंजन ने अपनी स्कूली पढ़ाई के बाद राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला से स्नातक की डिग्री प्राप्त की। अपनी मेहनत और लगन के दम पर उन्होंने भारतीय पुलिस सेवा में प्रवेश किया और अपने करियर में कई अहम जिम्मेदारियां निभाईं।
वर्ष 2023 में वह नई दिल्ली में प्रतिनियुक्ति पर जाकर SPG में शामिल हुए। यह वही बल है जो प्रधानमंत्री, पूर्व प्रधानमंत्रियों और अन्य उच्च पदस्थ गणमान्य व्यक्तियों की सुरक्षा का जिम्मा संभालता है। वर्तमान में डीआईजी के रूप में, रंजन देश की वीआईपी सुरक्षा प्रणाली के एक अहम स्तंभ माने जाते हैं।
दिल्ली जाने से पहले रंजन ऊना स्थित वनगढ़ बटालियन के कमांडेंट पद पर तैनात थे। इससे पहले वह कांगड़ा जिले के पुलिस अधीक्षक के रूप में कार्यरत रहे, जहां उन्होंने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ नशा तस्करों के खिलाफ एक व्यापक अभियान छेड़ा। इस अभियान में दर्जनों आरोपियों की गिरफ्तारी और बड़ी मात्रा में मादक पदार्थों की बरामदगी हुई।
COVID-19 महामारी के दौरान उन्होंने दिन-रात ड्यूटी निभाते हुए खुद को भी खतरे में डाला। इस दौरान वह गंभीर रूप से संक्रमित हो गए थे, लेकिन स्वास्थ्य लाभ के बाद फिर से सेवा में लौट आए। उनकी पहचान एक साहसी, निर्णायक और संवेदनशील पुलिस अधिकारी के रूप में की जाती है।
राष्ट्रपति पदक मिलने पर अपनी प्रतिक्रिया में विमुक्त रंजन ने कहा, “यह मेरे लिए गर्व और प्रेरणा का क्षण है। मैं खुद को सम्मानित महसूस कर रहा हूं और इस राष्ट्र के प्रति सदैव कृतज्ञ रहूंगा।” प्रदेश के प्रशासनिक और पुलिस महकमे में इस सम्मान को लेकर खुशी की लहर है। माना जा रहा है कि उनकी उपलब्धि से हिमाचल के युवाओं को भी प्रेरणा मिलेगी।