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August 29, 2025

हिमाचल :सदन के दवाब की वजह से ग्राउंड जीरो पर मंत्री, DC vs वकील विवाद पर भी बोले MLA

तीन दर्जन से अधिक पंचायतों को भारी नुकसान

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Dr Hans Raj MLA

चंबा। हिमाचल प्रदेश में जारी भारी बारिश कि वजह से हो रही आपदा और भूस्खलन के बीच चारों तरफ़ से दिल दहला देने वाली तस्वीरें सामने आ रही हैं। बीते चार पांच दिनों में प्रदेश के चंबा जिले में सबसे अधिक नुक़सान की घटना रिपोर्ट हुई है। 

तीन दर्जन से अधिक पंचायतों को भारी नुकसान

जानकारी के अनुसार, जिला चंबा में आज नेटवर्क सेवा अधिकांश हिस्सों में बहाल होने के बाद कई क्षेत्रों की स्थिति स्पष्ट हुई है। चंबा के चुराह क्षेत्र से विधायक और भाजपा के वरिष्ठ नेता डॉ हंस राज ने सोशल मीडिया पर लाइव आकर आपने क्षेत्र की जानकारी रखी। डॉ हंस राज ने बताया कि उनके चुराह क्षेत्र के तीन दर्जन से अधिक पंचायतों को भारी नुकसान हुआ है।

 

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सैकड़ों लोगों के घर क्षतिग्रस्त

सैकड़ों लोगों के घर को क्षति पहुंची हैं और कई सौ घर को खतरा उत्पन्न हुआ है। मुख्य सड़क के साथ साथ कई लिंक रोड भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। गौर करने लायक बात यह है कि, विधायक डॉ हंस राज के पैतृक गांव में भी भूस्खलन लगातार जारी ही है। विधायक ने कहा कि बारिश इसी तरह जारी रही तो उनके घर को भी खतरा हो सकता है। वह स्वयं भी परिजनों से संवाद नहीं कर पा रहे हैं।

खतरे में विधायक का गाँव

विधायक डॉ. हंस राज ने भारी बारिश और आपदा की स्थिति पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने बताया कि जसौरगढ़, करोड़ी, चरोड़ी सहित तीन दर्जन से अधिक पंचायतों में घर और सड़कों को भारी नुकसान हुआ है, जिससे लोगों को अपना घर छोड़कर शिफ्ट होना पड़ रहा है। विधायक ने कहा कि उनका अपना गांव भी भूस्खलन से प्रभावित है।

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उन्होंने आश्वासन दिया कि बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं उनकी प्राथमिकता रहेंगी और क्षेत्र को फिर से खड़ा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि विधानसभा के दबाव में मंत्री चंबा पहुंचे, अन्यथा चंबा की अनदेखी होती है। साथ ही, कांग्रेस पर भरोसा न करने और राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग भी उठाई।

विधानसभा के दवाब में पहुंचे मंत्री

चम्बा में बीते कल बार काउंसिल बनाम उपायुक्त के बीच हुए विवाद को लेकर भी उन्होंने खुल कर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि प्रशासन ढिलाई बरत रहा है और वकील समाज के बुद्धिजीवी वर्ग के लोग होते हैं। उन्होंने यदि आपत्ति दर्ज कराई है तो ठीक ही बात है। वह इस मुद्दे को विधानसभा में भी सोमवार को रखेंगे।

 

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विधायक डॉ हंस राज ने कहा कि चंबा शेर्ष नेतृत्व के तरफ़ से हमेशा से उपेक्षित रहा है। पहले जब भी आपदा आती थी तो विधानसभा की सत्र आने का इंतज़ार रहता था ताकि सदन के पटल पर बात रखी जा सकेगी। लेकिन इस बार सत्र के दौरान ही आपदा आई है इसलिए वह शिमला में ही बने हुए हैं।

हालात बने हुए हैं भयावह

मणिमहेश यात्रा को लेकर भी विधायक ने कहा कि, यहां भारी संख्या में उत्तर भारत सहित देश के अन्य हिस्सों से आए श्रद्धालु इस आपदा के बीच हड़सर, भरमौर और आसपास के क्षेत्रों में फंसे हुए हैं। स्थानीय लोग और कुछ समाजसेवी संगठन सीमित संसाधनों से मदद की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन हालात भयावह बने हुए हैं।

मिंजर कार्यक्रम का उदाहरण

जिले के साथ उपेक्षा का आरोप लगते हुए उन्होंने कहा कि विधानसभा में बनाए गए दवाब का ही यह परिणाम है कि दो-दो मंत्री चंबा जिले के आपदा प्रभावित क्षेत्रों में ग्राउंड जीरो पर पहुंचे हैं और वहां की वस्तुस्थिति से दो चार हो रहे हैं। अन्यथा मिंजर मेले जैसे अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम में भी शरीक होने से मंत्री कन्नी काटते हैं। इस बार के मिंजर कार्यक्रम का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि समापन कार्यक्रम में सीएम के आने का रिवाज़ है लेकिन इस वर्ष भी सीएम नहीं पहुंचे।

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