#विविध
July 20, 2025
मंडी में तबाही का मंजर देख सन्न रह गई केंद्र की टीम: बताया- 700 करोड़ से अधिक का नुकसान
राहत और पुनर्वास कार्यों पर भी मंडी प्रशासन ने रखा रिपोर्ट कार्ड
शेयर करें:

मंडी। हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में बादल फटने और भूस्खलन से आई आपदा ने भारी तबाही मचाई है। जिला प्रशासन के मुताबिक, इस आपदा से अब तक इलाके को करोड़ों का नुकसान हुआ है। वहीं, केंदेर से आई सात सदस्यीय टीम ने भी समीक्षा बैठक की
700 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हो चुका है। शनिवार देर शाम मंडी पहुंची केंद्र सरकार की सात सदस्यीय टीम के साथ हुई समीक्षा बैठक में प्रशासन ने यह आंकड़े प्रस्तुत किए।
यह भी पढ़ें : सांसद कंगना रनौत ने मंडी की आपदा को बताया 'भारी-भरकम भूकंप', सोशल मीडिया पर फिर हुई ट्रोल
केंद्र सरकार द्वारा भेजी गई विशेषज्ञ टीम ने शनिवार को मंडी जिला के धर्मपुर विधानसभा क्षेत्र में पहुंचकर नुकसान का स्थलीय जायज़ा लिया। टीम ने स्याठी गांव, धर्मपुर कॉलेज के पास क्षतिग्रस्त सड़क, कांडापत्तन और तनेहड़ पंचायत का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने क्षतिग्रस्त पेयजल योजनाएं और 33 केवी का बिजली पावर स्टेशन भी देखा।
दल के सदस्यों ने अपने मोबाइल फोन में आपदा से हुए नुकसान की तस्वीरें लीं। स्थानीय लोगों ने भी टीम से मिलकर अपनी समस्याएं साझा कीं। प्रभावितों ने बताया कि घर, रास्ते, पुल और खेत सब कुछ बर्बाद हो चुका है और अभी तक राहत सीमित स्तर पर ही पहुंची है।
यह भी पढ़ें : हिमाचल में महिला प्रधान ने किया कांड- पति और ससुर के खातों में भेजे सरकारी पैसे, हुई सस्पेंड
मंडी के उपायुक्त अपूर्व देवगन और धर्मपुर के विधायक चंद्रशेखर ने केंद्रीय दल को विस्तार से जानकारी दी। उपायुक्त ने राहत और पुनर्वास कार्यों की स्थिति बताई, जबकि विधायक ने ध्वाली किसान भवन में बैठक कर क्षेत्रीय नुकसान की समीक्षा करवाई।
केंद्रीय टीम रविवार को सराज विधानसभा क्षेत्र के थुनाग, जंजैहली और करसोग का दौरा करेगी। वहां के आपदा प्रभावित इलाकों में जाकर नुकसान का आकलन किया जाएगा। इस दौरान अतिरिक्त उपायुक्त डॉ. मदन कुमार, एसडीएम धर्मपुर जोगिंद्र पटियाल, एसडीएम सरकाघाट स्वाति डोगरा सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहेंगे।
यह भी पढ़ें : हिमाचल में बन रही शराब की तस्करी : लोहे के पाइप में छिपाकर पहुंचाई लखनऊ, 1 करोड़ है कीमत
इस 7 सदस्यीय दल में विभिन्न मंत्रालयों के अधिकारी शामिल हैं। गृह मंत्रालय से जी. पार्थसारथी, वित्त मंत्रालय से कंदर्प वी. पटेल, जलशक्ति मंत्रालय से वसीम अशरफ, ऊर्जा मंत्रालय से करन सरीन, सड़क परिवहन से ए.के. कुशवाहा, ग्रामीण विकास मंत्रालय से दीप शेखर सिंघल और कृषि मंत्रालय से डॉ. विक्रांत सिंह जैसे अधिकारी मंडी दौरेे पर है।