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August 13, 2025
हिमाचल में फिर फटा बादल- कई गांव जलमग्न, 3 पुल बहे- लोगों में मची हाहाकार
गांव में घुसा मलबा, लोगों में डर का माहौल
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लाहौल-स्पीति। हिमाचल प्रदेश के जनजातीय जिले लाहौल-स्पीति में मंगलवार शाम बादल फटने की घटनाओं ने कई गांवों में अफरातफरी मचा दी। उदयपुर उपमंडल के मयाड़ घाटी में करपट, चांगुट, उड़गोस और तिंगरेट गांवों के पास पहाड़ों पर अचानक मूसलधार बारिश हुई, जिससे पांच नालों- गुडहर, करपट, चांगुट, उड़गोस और तिंगरेट में तेज बाढ़ आ गई।
तेज बहाव में करपट, चांगुट और उड़गोस नाले पर बने तीन पुल पूरी तरह बह गए, जबकि मियार नाले पर बना एक बड़ा पुल पानी में डूब गया। ग्रामीणों के मुताबिक, तेज गर्जना और पानी के साथ बहकर आई मलबे की आवाज़ें सुनकर लोग घरों से बाहर निकल आए और सुरक्षित स्थानों की ओर चले गए।
घटना की जानकारी मिलते ही मंगलवार रात को ही राजस्व विभाग और एसडीएम कार्यालय उदयपुर की एक टीम करपट गांव के लिए रवाना हुई, ताकि ग्रामीणों को तत्काल राशन और अन्य आवश्यक सहायता उपलब्ध करवाई जा सके।
बुधवार सुबह क्षति का विस्तृत आकलन करने के लिए प्रशासनिक टीमें मौके पर पहुंचीं। आपदा प्रबंधन विभाग ने बताया कि उड़गोस गांव के कई खेत बाढ़ की चपेट में आ गए हैं, जिससे फसल को भारी नुकसान हुआ है।
HPPWD उदयपुर के अनुसार, चोखांग–नैंगघर लिंक रोड पर पानी का बहाव इतना तेज था कि सड़क का एक हिस्सा बह गया। वहीं, उपमंडल स्पीति के काजा क्षेत्र से मिली जानकारी के अनुसार, ताम्पा डोगरी, थांगमोचे और लिंगटी रामा की तीन लिंक सड़कें बाढ़ से बंद हैं। बहाली कार्य जारी है, लेकिन मलबा हटाने में समय लग रहा है।
BRO ने बताया कि माने गांव के पास देर रात भूस्खलन के कारण काजा-मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-505) भी बाधित हो गया है। भारी मशीनरी लगाकर सड़क खोलने का काम किया जा रहा है।
लाहौल-स्पीति की कांग्रेस विधायक अनुराधा राणा ने बताया कि मयाड़ घाटी में बादल फटने से बाढ़ की घटनाएं हुई हैं, लेकिन राहत की बात यह है कि अब तक किसी तरह के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है। उन्होंने कहा कि गांव के सभी लोग सुरक्षित स्थानों पर हैं। पुल और सड़कें बहने की सूचना मिली है। प्रशासन को मौके पर जाकर स्थिति का आकलन करने के निर्देश दिए गए हैं, मैं भी शिमला से जल्द घटनास्थल का दौरा करूंगी।
पूर्व विधायक और भाजपा नेता रवि ठाकुर ने इस घटना को चिंताजनक बताते हुए कहा कि नालों के किनारे रहने वाले लोग तुरंत दूर हट जाएं और सुरक्षित स्थानों पर पहुंचें। उन्होंने सरकार और प्रशासन से प्रभावित गांवों में तुरंत राहत कार्य शुरू करने और लोगों को फौरी मदद उपलब्ध कराने की मांग की।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बरसात का मौसम उनके लिए हर साल चुनौती लेकर आता है, लेकिन इस बार बारिश की तीव्रता और पानी के बहाव ने सभी को डरा दिया है। ग्रामीण अब पहाड़ी ढलानों और नालों के किनारों से दूरी बनाए हुए हैं और प्रशासन की अपील का पालन कर रहे हैं।