#विविध
August 13, 2025
सावधान हिमाचल! आज होगी भारी से भारी बारिश, पांच जिलों में बादल फटने-बाढ़ आने का अलर्ट
499 घर पूरी तरह ढह गए हैं, 1,578 मकानों को पहुंचा आंशिक नुकसान
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शिमला। हिमाचल प्रदेश में मानसून इस समय अपने चरम पर है। प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मंगलवार रात से बारिश का दौर लगातार जारी है। मौसम विभाग ने एक-दो स्थानों पर भारी से भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।
मौसम विभाग के अनुसार, बुधवार सुबह 9 बजे तक बिलासपुर, चंबा, हमीरपुर, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला, सिरमौर, सोलन और ऊना में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई, जबकि कुछ इलाकों में तेज से बेहद तेज बारिश का दौर चला।
उच्च हिमालयी क्षेत्रों में भी मौसम का मिजाज बदला हुआ है। किन्नौर और लाहुल-स्पीति में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो रही है, जबकि संवेदनशील घाटियों में बादल फटने और अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) की आशंका जताई गई है।
मौसम विभाग ने बिलासपुर, कांगड़ा, मंडी, शिमला और सिरमौर जिलों के लिए आज भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। चेतावनी में कहा गया है कि इन क्षेत्रों में तेज बारिश के चलते भूस्खलन, नदियों-नालों में जलस्तर बढ़ने, निचले इलाकों में पानी भरने और छोटे-बड़े हादसों की संभावना बनी रहेगी। यही अलर्ट इन जिलों में गुरुवार को भी लागू रहेगा।
बढ़ जाएगा जलप्रभाव
वहीं, ऊना, हमीरपुर, चंबा, कुल्लू और सोलन जिलों में आज और कल के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है। यहां मध्यम से तेज बारिश के साथ स्थानीय स्तर पर जलभराव या पेड़ों के गिरने जैसी घटनाएं हो सकती हैं।
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार, 15 अगस्त से मानसून की रफ्तार कुछ धीमी पड़ेगी। हालांकि ऊना, चंबा, कांगड़ा, मंडी, शिमला और सिरमौर जिलों में हल्की बारिश का दौर जारी रहेगा। शेष जिलों में मौसम के साफ होने की संभावना है।
इस बार का मानसून हिमाचल के लिए भारी साबित हो रहा है। प्रदेश में अब तक बारिश से जुड़े हादसों में 229 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 36 लोग अब भी लापता हैं। बारिश और भूस्खलन की घटनाओं में 499 घर पूरी तरह ढह गए, वहीं 1,578 मकानों को आंशिक नुकसान पहुंचा है। कई सड़कों पर यातायात बाधित है और दर्जनों पुल व संपर्क मार्ग टूट चुके हैं।
राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने लोगों से अपील की है कि भारी बारिश और अलर्ट के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें, नदी-नालों के किनारे न जाएं और पहाड़ी ढलानों से दूर रहें। जिला प्रशासन ने आपातकालीन सेवाओं को अलर्ट पर रखा है और संवेदनशील इलाकों में राहत दल तैनात कर दिए गए हैं।