शिमला। हिमाचल प्रदेश के बहुचर्चित गुड़िया रेप और मर्डर केस से जुड़ी एक खबर सामने आई है। मामले में पांच साल की जेल की सजा काट चुके IPS अधिकारी IG जहूर हैदर जैदी पर सुक्खू सरकार मेहरबान हो गई है।
आरोपी IG जैदी पर सरकार मेहरबान
दरअसल, कल शाम करीब 4.30 बजे G जहूर हैदर जैदी ने हिमाचल प्रदेश पुलिस मुख्यालय शिमला में दोबारा ज्वाइनिंग दे दी। उनकी वापसी के साथ ही पुलिस महकमे और प्रशासनिक गलियारों में इस पूरे घटनाक्रम को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
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जमानत पर रिहा हैं जैदी
जानकारी के अनुसार, पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने जैदी की अपील पर सुनवाई करते हुए उनकी उम्रकैद की सजा को फिलहाल निलंबित कर दिया है। साथ ही अंतिम फैसला आने तक उन्हें जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है।
सरकार ने बहाल की सेवा
अदालत के इस फैसले के बाद ही उनकी सेवा में वापसी का रास्ता साफ हुआ। इसके बाद राज्य सरकार ने भी न्यायालय के आदेश के आधार पर उन्हें सेवा में बहाल करने के निर्देश जारी किए, जिसके चलते उन्होंने पुलिस मुख्यालय में आकर अपनी ज्वाइनिंग दी।
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जेल में काटे पांच साल
हाई कोर्ट ने अपने आदेश में यह भी टिप्पणी की थी कि जहूर हैदर जैदी पांच साल से अधिक समय तक जेल में रह चुके हैं। अदालत ने यह भी माना कि अपीलों की लंबी सूची के कारण इस मामले के अंतिम निपटारे में अभी काफी समय लग सकता है। इसी आधार पर अदालत ने उन्हें 25 हजार रुपये के निजी मुचलके और एक जमानतदार के आधार पर जमानत देने का आदेश पारित किया था।
पुलिस महकमे में चर्चाएं तेज
जैदी की ज्वाइनिंग के बाद पुलिस विभाग के भीतर इस फैसले को लेकर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। कुछ अधिकारी इसे न्यायिक प्रक्रिया का हिस्सा मान रहे हैं, जबकि कई लोग इस मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। फिलहाल, विभाग की ओर से यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि आगे उन्हें कौन-सी जिम्मेदारी दी जाएगी।
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यह है पूरा मामला?
साल 2017 में शिमला जिले के कोटखाई क्षेत्र में एक नाबालिग छात्रा के साथ दुष्कर्म और हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया था। इस घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया था और पुलिस की जांच भी सवालों के घेरे में आ गई थी।
हिरासत में सूरज की मौत
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने सूरज नामक एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया था, जिसकी बाद में पुलिस हिरासत में मौत हो गई। हिरासत में मौत के बाद मामला और ज्यादा विवादों में घिर गया, जिसके चलते इसकी जांच CBI को सौंप दी गई।
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CBI जांच में हुए खुलासे
CBI की जांच में कई पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों पर हिरासत में हत्या करने के आरोप तय किए गए। जनवरी 2024 में चंडीगढ़ स्थित CBI की विशेष अदालत ने इस मामले में फैसला सुनाते हुए IG जहूर हैदर जैदी समेत आठ पुलिसकर्मियों को दोषी करार दिया था और उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई थी। हालांकि, अदालत ने उस समय के शिमला के SP डीडब्ल्यू नेगी को पर्याप्त सबूत नहीं मिलने के कारण बरी कर दिया था।
अदालत से फैसला आना बाकी
अब हाई कोर्ट से सजा निलंबित होने और जमानत मिलने के बाद जैदी की सेवा में वापसी हो गई है। हालांकि, इस मामले में अंतिम फैसला अभी आना बाकी है और अदालत में उनकी अपील पर आगे भी सुनवाई जारी रहेगी।



